गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

लखनऊ :सामाजिक न्याय, जाति जनगणना और ओबीसी अधिकारों को लेकर ओबीसी कांग्रेस का ऐलान।।||Lucknow:OBC Congress announces social justice, caste census, and OBC rights.||

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लखनऊ :
सामाजिक न्याय, जाति जनगणना और ओबीसी अधिकारों को लेकर ओबीसी कांग्रेस का ऐलान।।
दो टूक  : राजधानी लखनऊ में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के ओबीसी विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिल जयहिंद ने कहा कि ओबीसी कांग्रेस देशभर में सत्यशोधक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की 200वीं जयंती धूमधाम से मना रही है। इसी क्रम में 11 अप्रैल 2026 को लखनऊ स्थित, मार्स ऑडिटोरियम,इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमती नगर में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं एवं सामाजिक न्याय के प्रमुख विचारकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
उन्होंने कहा कि महात्मा फुले ने अकेले ही सामाजिक क्रांति का बिगुल फूंका और ओबीसी, एससी, एसटी समाज को सामाजिक गुलामी से मुक्त किया। आज इस अधूरी सामाजिक क्रांति को “न्याय योद्धा” राहुल गांधी आगे बढ़ा रहे हैं।
विस्तार : 
ओबीसी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ ० अनिल ने लखनऊ मे गुरुवार को 
 एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। उनके साथ मंच पर जितेंद्र बघेल (सचिव, AICC एवं सचिव, राष्ट्रीय ओबीसी सलाहकार परिषद) मनोज यादव (अध्यक्ष, ओबीसी विभाग, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी) ओम प्रकाश मेहतो (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, ओबीसी कांग्रेस) सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
वैज्ञानिक जाति जनगणना की मांग करते हुए डॉ. अनिल जयहिंद ने भाजपा सरकार से मांग की कि देश में एक वैज्ञानिक जाति जनगणना कराई जाए, जिसमें केवल जातियों की गिनती ही नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक स्थिति, सरकारी नौकरियों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और नौकरशाही में हिस्सेदारी का विस्तृत डेटा एकत्र किया जाए। उन्होंने कहा कि तेलंगाना का 54 प्रश्नों वाला मॉडल पूरे देश के लिए आदर्श है, जबकि वर्तमान में केंद्र सरकार की केवल गिनती आधारित प्रक्रिया नीतिगत सुधारों के लिए अपर्याप्त है।    
महिला आरक्षण विधेयक में ओबीसी महिलाओं की उपेक्षा
डॉ. जयहिंद ने कहा कि प्रस्तावित महिला आरक्षण विधेयक में ओबीसी महिलाओं के लिए कोई प्रावधान नहीं है। चेतावनी दी कि प्रस्तावित 273 सीटों में अधिकांश सामान्य वर्ग को मिलेंगी, जिससे संसद की सामाजिक संरचना असंतुलित हो जाएगी और लोकतंत्र में समान भागीदारी का सिद्धांत कमजोर होगा।इसके कारण संसद में ओबीसी विरोधी नीतियों का बुलडोज़र चलेगा और ओबीसी के संविधानिक अधिकारों को बेरहमी से कुचला जाएगा।
जनगणना में ओबीसी की अनदेखी।
उन्होंने बताया कि जनगणना के हाउसिंग फॉर्म में ओबीसी का अलग से उल्लेख नहीं है, जो यह दर्शाता है कि सरकार ओबीसी समाज की वास्तविक स्थिति को जानने और सुधारने के प्रति गंभीर नहीं है।
 डॉ. जयहिंद ने स्पष्ट किया कि यदि ओबीसी महिलाओं को उनका संवैधानिक अधिकार नहीं दिया गया, तो देशव्यापी सत्याग्रह आंदोलन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने पंचायती राज में ओबीसी आरक्षण लागू कर सामाजिक न्याय को मजबूती दी थी, जबकि वर्तमान सरकार की नीतियां ओबीसी विरोधी हैं।
ओबीसी कांग्रेस, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और “न्याय योद्धा” राहुल गांधी जी से मार्गदर्शन एवम आशीर्वाद लेकर देशव्यापी जन आंदोलन प्रारंभ करेगी।