लखनऊ :
ओलावृष्टि-बेमौसम बारिश से तबाह हुई किसानो की गेहूं की फसल, हताश किसान।
किसानों का आरोप—सिर्फ औपचारिकता निभा रहे अधिकारी, मुआवजे की मांग तेज।
दो टूक : बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने क्षेत्र के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे अन्नदाता गहरे संकट में आ गए हैं। वहीं किसानों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी फसल नुकसान का सर्वे केवल औपचारिकता के तौर पर कर रहे हैं।मोहनलालगंज क्षेत्र के मरूई गांव के किसान जयसिंह, वासुदेव, गणेश सिंह, देव सिंह, अमित सहित अघैया गांव के कृपा शंकर ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं की बालियां काली पड़ गई हैं। कई खेतों में फसल कटने से पहले ही जमीन पर गिर गई, जिससे वह सड़कर पूरी तरह खराब हो गई है।किसानों का कहना है कि इस बार की फसल से उन्हें काफी उम्मीदें थीं, लेकिन प्राकृतिक आपदा ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया। अब स्थिति यह है कि लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। अन्नदाताओं ने आरोप लगाया कि सर्वे टीम मौके पर पहुंचकर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है और वास्तविक नुकसान का आकलन सही तरीके से नहीं किया जा रहा।किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पारदर्शी और सही सर्वे कराया जाए, ताकि उन्हें उचित मुआवजा मिल सके। उनका कहना है कि यदि समय रहते नुकसान की भरपाई नहीं की गई तो अगली फसल की बुवाई भी प्रभावित होगी और परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
