शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: चिल्ला बॉर्डर पर टकराव की स्थिति: CPI(M) प्रतिनिधिमंडल रोका गया, सड़क पर उतरे नेता—नोएडा में हाई अलर्ट!!

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गौतमबुद्धनगर: चिल्ला बॉर्डर पर टकराव की स्थिति: CPI(M) प्रतिनिधिमंडल रोका गया, सड़क पर उतरे नेता—नोएडा में हाई अलर्ट!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

नोएडा/दिल्ली बॉर्डर

दो टूक//नोएडा में जारी श्रमिक असंतोष के बीच शुक्रवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब Communist Party of India (Marxist) (CPI(M)) का एक प्रतिनिधिमंडल श्रमिकों से मिलने के लिए नोएडा पहुंचा, लेकिन पुलिस ने उन्हें चिल्ला बॉर्डर पर ही रोक दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद एम ए बेबी समेत कई अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में CPI(M) नेताओं के साथ-साथ Samajwadi Party (सपा) के नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर ही सड़क पर बैठ गए और धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से चिल्ला बॉर्डर पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए श्रमिकों से मिलने से रोकने को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि वे नोएडा में चल रहे श्रमिक आंदोलनों की वास्तविक स्थिति जानने और पीड़ित मजदूरों से सीधे संवाद करने के लिए जा रहे थे। उनका आरोप था कि प्रशासन जानबूझकर उन्हें जमीनी हकीकत से दूर रखने की कोशिश कर रहा है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संभावित तनाव को देखते हुए इस कदम को आवश्यक बताया।

घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया, बैरिकेडिंग बढ़ाई गई और पूरे चिल्ला बॉर्डर क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहीं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

काफी देर तक चले गतिरोध और बातचीत के बाद प्रशासन ने नरमी दिखाते हुए प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने की अनुमति दी। इसके बाद पुलिस की निगरानी में प्रतिनिधिमंडल को जिला अधिकारी (डीएम) से मुलाकात के लिए ले जाया गया, जहां श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद नोएडा-दिल्ली सीमा पर सतर्कता और बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।

फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।