गौतमबुद्धनगर: नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग पर भड़का श्रमिक आक्रोश: हिंसक प्रदर्शन, पुलिस वाहन पलटा, कई जगह आगजनी व झड़प!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
गौतमबुद्धनगर/नोएडा, सोमवार
दो टूक//उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र फेज-2 में सोमवार को कर्मचारियों का वेतन वृद्धि को लेकर चल रहा प्रदर्शन अचानक हिंसक रूप ले बैठा। पिछले तीन-चार दिनों से जारी शांतिपूर्ण विरोध उस वक्त उग्र हो गया जब हजारों की संख्या में श्रमिक एकत्र होकर सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस की गाड़ी को पलट दिया, कई वाहनों में तोड़फोड़ की और एक वाहन को आग के हवाले कर दिया।
चार दिन से जारी था आंदोलन, सोमवार को बिगड़े हालात
जानकारी के मुताबिक, फेज-2 थाना क्षेत्र में स्थित एक निजी कंपनी (मदरसन यूनिट के पास) के बाहर कर्मचारी पिछले चार दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। सोमवार सुबह कुलेसरा से लेकर फेज-2 तक श्रमिकों ने मार्च निकाला, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। देखते ही देखते यह प्रदर्शन उग्र हो गया और हालात बेकाबू हो गए।
पुलिस से झड़प, आंसू गैस का इस्तेमाल
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन प्रदर्शनकारियों के उग्र रवैये के चलते पुलिस और श्रमिकों के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस दौरान भीड़ ने पुलिस वाहनों को निशाना बनाते हुए एक गाड़ी को पलट दिया और अन्य में तोड़फोड़ की।
आगजनी और तोड़फोड़ से बढ़ा तनाव
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उग्र भीड़ ने एक वाहन में आग लगा दी और कंपनी परिसर के बाहर जमकर हंगामा किया। घटना के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। प्रशासन ने तुरंत भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोशिश की।
ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई, लोग घंटों फंसे
प्रदर्शन के चलते सेक्टर-60, फेज-2 और कुलेसरा के मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारी सड़कों पर बैठ गए और वाहनों के आगे लेट गए, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। दफ्तर जाने वाले लोग घंटों जाम में फंसे रहे और आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं—
- न्यूनतम वेतन ₹13,000 से बढ़ाकर ₹20,000 किया जाए
- ओवरटाइम का उचित भुगतान सुनिश्चित किया जाए
- अवकाश (छुट्टियों) के लिए स्पष्ट और अलग प्रावधान बनाए जाएं
प्रशासन का बयान
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच वार्ता के जरिए समाधान निकालने का प्रयास जारी है।
औद्योगिक शांति पर सवाल
लगातार बढ़ते श्रमिक असंतोष और उसके हिंसक रूप लेने से नोएडा के औद्योगिक माहौल पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते संवाद और समाधान न होने पर ऐसे हालात और गंभीर हो सकते हैं।
यह घटना न सिर्फ श्रमिक असंतोष की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि प्रशासन और उद्योग प्रबंधन के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है कि समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाए, ताकि औद्योगिक शांति और कानून-व्यवस्था बनी रह सके।
