गौतमबुद्धनगर:नोएडा में फिर भड़का श्रमिक आंदोलन: फेस-2 और सेक्टर-80 में पथराव, पुलिस ने संभाला मोर्चा, शहर में हाई अलर्ट!!
दो टूक//नोएडा, 14 अप्रैल 2026। नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर उग्र रूप ले लिया। सोमवार को हुई हिंसा के बाद मंगलवार को भी हालात तनावपूर्ण रहे। फेस-2 और सेक्टर-80 क्षेत्र में कुछ उपद्रवियों द्वारा अचानक पथराव किए जाने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और भीड़ को खदेड़ दिया।
दूसरे दिन भी बवाल, कई इलाकों में तनाव
वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच मंगलवार सुबह फेस-2, सेक्टर-80 और नया गांव के आसपास कुछ लोग एकत्र हुए और प्रदर्शन करने लगे। इसी दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया, जिसमें पुलिस टीम भी निशाना बनी। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया।
पुलिस पहले से अलर्ट, रूट मार्च और सख्ती जारी
सोमवार को हुए बड़े हिंसक प्रदर्शन के बाद पुलिस पहले ही हाई अलर्ट पर थी। पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि:
“जनपद के सभी प्रभावित थाना क्षेत्रों में सेक्टर स्कीम लागू की गई है। RAF और PAC की कंपनियां तैनात हैं। सुबह 5 बजे से लगातार रूट मार्च किया जा रहा है। आज तीन स्थानों पर मजदूर एकत्र हुए थे, जिन्हें समझाकर हटा दिया गया।”
सोमवार की हिंसा में 100 से ज्यादा कंपनियां बनी थीं निशाना
गौरतलब है कि सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन में 100 से अधिक कंपनियों को निशाना बनाया गया था। कई जगहों पर तोड़फोड़, आगजनी और वाहनों में आग लगाने की घटनाएं सामने आई थीं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ था।
पथराव के बाद सख्त कार्रवाई के संकेत
ताजा घटनाओं के बाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि माहौल खराब करने वालों की पहचान की जा रही है। CCTV फुटेज और अन्य माध्यमों से आरोपियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहले दर्ज मुकदमों के अलावा नए मामलों को भी जोड़ा जा सकता है।
प्रशासन की अपील—काम पर लौटें श्रमिक
प्रशासन का कहना है कि सरकार श्रमिकों की समस्याओं को लेकर गंभीर है और कई मांगों पर पहले ही सहमति बन चुकी है। वेतन वृद्धि को लेकर भी जल्द निर्णय आने की संभावना जताई जा रही है।
कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा:
“सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। सभी लोग अपने-अपने कार्यस्थलों पर लौटें और शांति बनाए रखें।”
स्थिति पर कड़ी नजर, शांति बहाली प्राथमिकता
फिलहाल पूरे गौतम बुद्ध नगर जिले में पुलिस और प्रशासन सतर्क है। लगातार गश्त, फ्लैग मार्च और निगरानी के जरिए हालात पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश की जा रही है।
आने वाले समय में प्रशासन के फैसलों और श्रमिक संगठनों की प्रतिक्रिया पर स्थिति निर्भर करेगी।
