गौतमबुद्धनगर: औद्योगिक तनाव के बीच बड़ा फैसला; भ्रामक खबरों पर लगाम, हिंसा फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 14 अप्रैल 2026 ,औद्योगिक नगरी गौतमबुद्धनगर में हालिया श्रमिक आंदोलन और तनावपूर्ण माहौल के बीच प्रदेश सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाते हुए न्यूनतम वेतन में अंतरिम वृद्धि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित उच्च स्तरीय समिति ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी साझा की।
औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि सरकार ने श्रमिकों और उद्योगों के बीच संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। यह वेतन वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी और विशेष रूप से गौतमबुद्धनगर एवं गाजियाबाद में अधिकतम 21 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है, जिससे बड़ी संख्या में श्रमिकों को तत्काल आर्थिक राहत मिलेगी।
श्रमिकों की आय में बड़ा इजाफा
सरकार द्वारा घोषित नई अंतरिम दरों के अनुसार—
गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद:
- अकुशल श्रमिक: ₹11,313 से बढ़कर ₹13,690
- अर्धकुशल श्रमिक: ₹12,445 से बढ़कर ₹15,059
- कुशल श्रमिक: ₹13,940 से बढ़कर ₹16,868
अन्य नगर निगम क्षेत्र:
- अकुशल: ₹13,006
- अर्धकुशल: ₹14,306
- कुशल: ₹16,025
अन्य जनपद:
- अकुशल: ₹12,356
- अर्धकुशल: ₹13,591
- कुशल: ₹15,224
सरकार ने स्पष्ट किया कि यह केवल अंतरिम राहत है। आगामी महीनों में वेज बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर स्थायी वेतन निर्धारण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
₹20,000 वेतन की वायरल खबर पर बड़ा खुलासा
समिति की जांच में सामने आया कि सोशल मीडिया पर फैल रही ₹20,000 न्यूनतम वेतन की खबर पूरी तरह भ्रामक और निराधार है। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की अफवाहों ने ही श्रमिकों में भ्रम और असंतोष की स्थिति पैदा की।
वास्तव में, केंद्र स्तर पर ‘फ्लोर वेज’ तय करने की प्रक्रिया जारी है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा तय करना है।
संवाद से समाधान: श्रमिक और उद्योग दोनों की सुनी गई
उच्च स्तरीय समिति ने श्रमिक संगठनों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ कई चरणों में बातचीत की।
🔹 श्रमिकों की प्रमुख मांगें:
- वेतन वृद्धि
- साप्ताहिक अवकाश
- ओवरटाइम का दुगुना भुगतान
- सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण
🔹 उद्योग जगत की चुनौतियां:
- कच्चे माल की बढ़ती लागत
- निर्यात में गिरावट
- वैश्विक आर्थिक दबाव
इसके बावजूद उद्योग संगठनों ने श्रमिकों की मांगों को “व्यावहारिक और विचारणीय” बताया, जो सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
हिंसा पर सख्त रुख—“शांति से समझौता नहीं”
हालिया प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा को लेकर सरकार ने कड़ा संदेश दिया है।
प्रशासन ने साफ किया है कि—
- असामाजिक और बाहरी तत्वों की पहचान की जा रही है
- तकनीकी निगरानी और खुफिया तंत्र सक्रिय किया गया है
- दोषियों के खिलाफ गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित होगी
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि औद्योगिक शांति और विकास के माहौल से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
श्रमिकों के लिए कंट्रोल रूम स्थापित
श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है:
📞 0120-2978231
📞 0120-2978232
📞 0120-2978862
📞 0120-2978702
यहां श्रमिक अपनी शिकायत, सुझाव या किसी भी प्रकार की सूचना दर्ज करा सकते हैं।
सरकार का लक्ष्य: विकास के साथ विश्वास
प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसका उद्देश्य केवल वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि एक स्थायी औद्योगिक संतुलन स्थापित करना है, जहां—
✔️ श्रमिकों को सम्मान और सुरक्षा मिले
✔️ उद्योगों को स्थिरता और सहयोग मिले
✔️ निवेश के लिए अनुकूल माहौल बना रहे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार “विकास और विश्वास” दोनों को साथ लेकर चलने की नीति पर काम कर रही है।
निष्कर्ष
नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में चल रहे तनाव के बीच यह वेतन वृद्धि न केवल आर्थिक राहत है, बल्कि सरकार की संतुलित और सक्रिय भूमिका का संकेत भी है। अब निगाहें आगामी वेज बोर्ड की सिफारिशों पर टिकी हैं, जो श्रमिकों और उद्योगों के बीच स्थायी समाधान की दिशा तय करेंगी।
