अम्बेडकर नगर :
रुक्मिणी-कृष्ण विवाह प्रसंग ने भक्ति रस में डुबोया।
भागवत कथा में प्रेम, समर्पण और धर्म की विजय का हुआ भावपूर्ण वर्णन।
।।पूनम तिवारी।।
दो टूक : अंबेडकर नगर। मुख्य यजमान देवनारायण तिवारी मिझौड़ा के क्षेत्र के यहां चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पावन आयोजन में मंगलवार को श्री रुक्मिणी-श्री कृष्ण विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं मार्मिक वर्णन किया गया।कथा व्यास राष्ट्रीय युवा व्यास आचार्य शुभम जी महाराज ने भगवान श्री कृष्ण और माता रुक्मिणी के दिव्य मिलन की कथा सुनाते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति,प्रेम और अटूट विश्वास का संदेश दिया।कथा के दौरान बताया गया कि माता रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को ही अपना पति मानते हुए उन्हें पत्र लिखा और अपने भाई रुक्मी द्वारा तय किए गए विवाह का विरोध किया।भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी के सच्चे प्रेम और आस्था को स्वीकार करते हुए उनका हरण कर विधिपूर्वक विवाह किया।इस प्रसंग को सुनकर पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और “राधे-कृष्ण” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथा व्यास ने कहा कि यह प्रसंग सिखाता है कि सच्चा प्रेम और श्रद्धा कभी व्यर्थ नहीं जाती, भगवान अपने भक्तों की पुकार अवश्य सुनते हैं। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि जीवन में धर्म,सत्य और समर्पण का मार्ग अपनाना चाहिए।
इस अवसर पर आयोजकों द्वारा भव्य सजावट,पुष्प वर्षा और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो गया। अंत में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह उत्सव में भाग लेकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान आयोजक मंडल के विवेक तिवारी,सुधांशु तिवारी सहित,
विवेक तिवारी,विनोद तिवारी ,सुधांशु तिवारी ,प्रत्यांशु तिवारी,शौर्य तिवारी
गणेश तिवारी ,विष्णु तिवारी
कुंज तिवारी ,पंखुड़ी दुबे
संतोष जायसवाल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
कथा का रसपान करते हुए श्रद्धालु।
