सोमवार, 13 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा के स्विमिंग पूलों में बड़ी लापरवाही उजागर: औचक निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की खुली पोल, कई जगह लाइफगार्ड और महिला प्रशिक्षक तक नहीं!!

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गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा के स्विमिंग पूलों में बड़ी लापरवाही उजागर: औचक निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की खुली पोल, कई जगह लाइफगार्ड और महिला प्रशिक्षक तक नहीं!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौतमबुद्धनगर, 13 अप्रैल 2026।
दो टूक//जनपद में संचालित स्विमिंग पूलों (तरणतालों) की व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिला खेल कार्यालय गौतमबुद्धनगर के प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी डॉ. परवेज अली द्वारा सोमवार को विभिन्न स्विमिंग पूलों का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आईं, जिसने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित मिक्सन अल्टीमो, मिक्सन ट्विन्स, गौर अतुल्यम, सुपरटेक सिजार, जे.पी. रिसोर्ट एंड स्पा, जे.पी. ग्रीन्स, रियान इंटरनेशनल स्कूल और वाईएमसीए तरणताल अकादमी समेत कई स्थानों का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ी चिंता की बात यह रही कि मिक्सन अल्टीमो, गौर अतुल्यम, सुपरटेक सिजार और मिक्सन ट्विन्स जैसे प्रमुख स्थानों पर महिला प्रशिक्षकों की अनुपस्थिति पाई गई, जो सुरक्षा और सुविधा दोनों दृष्टि से गंभीर लापरवाही मानी जा रही है।

वहीं रियान इंटरनेशनल स्कूल के स्विमिंग पूल में तो स्थिति और भी चिंताजनक मिली। यहां पर सुरक्षा के बुनियादी मानक तक पूरे नहीं पाए गए। मौके पर ऑक्सीजन सिलेंडर, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर, लाइफ जैकेट और सीसीटीवी कैमरा जैसी जरूरी सुविधाएं नदारद थीं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था।

इसके अलावा जे.पी. रिसोर्ट एंड स्पा और जे.पी. ग्रीन्स में निरीक्षण के दौरान स्विमिंग पूल चालू होने के बावजूद कोई भी लाइफ सेवर मौजूद नहीं था। यह स्थिति बेहद जोखिम भरी मानी गई, क्योंकि ऐसी लापरवाही किसी भी समय अप्रिय घटना को जन्म दे सकती है।

वाईएमसीए तरणताल अकादमी एकमात्र ऐसा स्थान रहा, जहां सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं और सुरक्षा मानकों का पालन ठीक तरीके से किया जा रहा था।

निरीक्षण के दौरान जे.पी. इंटीग्रेटेड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक और अनियमितता सामने आई, जहां लाइफ गार्ड कोचिंग कराते नजर आए, जबकि नियमानुसार लाइफ गार्ड को प्रशिक्षण देने का अधिकार नहीं होता। यहां भी महिला लाइफ गार्ड की अनुपस्थिति दर्ज की गई। साथ ही प्रस्तुत किए गए अभिलेखों की सत्यता पर भी संदेह व्यक्त किया गया, जिसके लिए अलग से विस्तृत जांच प्रस्तावित की गई है।

प्रभारी क्रीड़ा अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन स्विमिंग पूलों में कमियां पाई गई हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुधारने के लिए प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही जिन संस्थानों को पहले ही अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी किए जा चुके हैं, उनका भी दोबारा भौतिक और अभिलेखीय सत्यापन कराया जाएगा।

यह औचक निरीक्षण जनपद में संचालित खेल सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को सामने लाता है और संकेत देता है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो प्रशासन कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।।