शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई: अवैध निर्माण और उगाही के आरोपों में सीनियर मैनेजर केवी सिंह हटाए गए!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई: अवैध निर्माण और उगाही के आरोपों में सीनियर मैनेजर केवी सिंह हटाए गए!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। नोएडा प्राधिकरण में अवैध निर्माण, फार्म हाउस कब्जे और उगाही की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्राधिकरण ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वर्क सर्किल-10 के वरिष्ठ प्रबंधक केवी सिंह को उनके मूल विभाग उत्तर प्रदेश सेतु निगम भेज दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्राधिकरण कार्यालय में हड़कंप मच गया है और इसे अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, यमुना डूब क्षेत्र में जमीन कब्जाने और अवैध वसूली की शिकायत एक किसान द्वारा सीधे मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई थी। शिकायत के बाद आश्वासन समिति ने मौके का निरीक्षण किया और प्राधिकरण अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए।

बताया जा रहा है कि समिति के प्राधिकरण कार्यालय पहुंचने के दौरान शीर्ष अधिकारी बैठक के लिए मौजूद नहीं थे, जिससे नाराज समिति बिना बैठक किए ही लौट गई। इसके बाद केवी सिंह और उनके करीबी एक जेई के खिलाफ शिकायतों का सिलसिला लगातार जारी रहा।

लगातार मिल रही थीं गंभीर शिकायतें

जनसुनवाई के दौरान पिछले एक महीने से लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। आरोप था कि अवैध निर्माण को संरक्षण दिया जा रहा था और जो लोग उगाही की रकम नहीं देते थे, उनके निर्माण को जबरन रुकवाया या ध्वस्त कराया जाता था। इसके अलावा आरडब्ल्यूए की शिकायतों की अनदेखी और डूब क्षेत्र में अवैध कब्जे जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सीईओ ने जांच के लिए एक कमेटी गठित की, जिसमें सैटेलाइट इमेज के आधार पर जांच कराई गई। जांच में लगाए गए आरोप सही पाए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

पहले भी विवादों में रह चुके हैं केवी सिंह

केवी सिंह का नाम पहले भी अवैध निर्माण के मामलों में सामने आ चुका है। उन्हें वर्क सर्किल-6 से भी इसी तरह की शिकायतों के चलते हटाया गया था। उस समय सोहरखा गांव और हरनंदी डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण कराने के आरोप लगे थे।

बताया जाता है कि किसान संगठनों के बीच विवाद और मारपीट के बाद मामला इतना बढ़ गया था कि तत्कालीन सीईओ डॉ. लोकेश एम को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्हें पद से हटाना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने विभाग में बने रहने के लिए दबाव बनाकर दूसरी तैनाती हासिल कर ली थी।

अधिकारियों की जवाबदेही तय करने का संदेश

अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी ने बताया कि केवी सिंह को उनके मूल विभाग भेजने का प्रस्ताव पहले से लंबित था, जिसे अब मंजूरी दे दी गई है। वहीं, केवी सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है।

सीईओ कृष्णा करुणेश ने साफ संदेश दिया है कि नोएडा में अवैध निर्माण और अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस कार्रवाई को प्राधिकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।।