गौतमबुद्धनगर: ओलावृष्टि से फसल नुकसान का आकलन तेज, डीएम ने बनाई सर्वे टीमें—किसानों को मिलेगा बीमा मुआवजा!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 07 अप्रैल 2026।
तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों को हुए संभावित नुकसान के मद्देनजर जिला प्रशासन ने बड़ी पहल करते हुए सर्वे टीमों का गठन कर दिया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि फसल क्षति का सटीक आकलन कर पात्र किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत शीघ्र मुआवजा दिलाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि ग्राम स्तर पर गठित सर्वे टीमों में लेखपाल, कृषि विभाग के अधिकारी, प्राविधिक सहायक और बीमा कंपनी के प्रतिनिधि शामिल किए गए हैं, ताकि पारदर्शी और त्वरित सर्वे सुनिश्चित किया जा सके। किसानों की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 14447 भी जारी किया गया है, जिस पर संपर्क कर वे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं।
खेतों में पहुंचकर डीएम ने परखी फसल की हकीकत
तहसील सदर के ग्राम पंचायत इनायतपुर में जिलाधिकारी ने स्वयं खेतों में पहुंचकर गेहूं फसल की क्रॉप कटिंग का स्थलीय निरीक्षण किया। निर्धारित मानकों के अनुसार किए गए परीक्षण में—
- गाटा संख्या 285 पर 22.230 किलोग्राम उपज
- गाटा संख्या 404 पर 22.900 किलोग्राम उपज प्राप्त हुई
डीएम ने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्रॉप कटिंग प्रयोग फसल उत्पादन के सही आकलन और बीमा लाभ सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाता है।
कृषि निर्यात को बढ़ावा—बासमती क्लस्टर पर जोर
निरीक्षण के बाद कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति-2019 के तहत क्लस्टर निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- बासमती धान के निर्यात हेतु क्लस्टर को बढ़ावा देने पर जोर
- हरनंदी फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के क्लस्टर प्रस्ताव को स्वीकृति
- केआरबीएल राइस एक्सपोर्ट कंपनी ने निर्यात के लिए सहमति जताई
अधिकारियों ने बताया कि 50 हेक्टेयर क्षेत्र में क्लस्टर बनाकर 30% निर्यात करने पर 10 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। इसके अलावा परिवहन पर 25% या अधिकतम 20 लाख रुपये तक की सहायता भी दी जाएगी।
किसानों और संस्थानों को मिलेगा बड़ा लाभ
निर्यात नीति के तहत कृषि से जुड़े शिक्षण संस्थानों को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। 25 या अधिक छात्रों के पंजीकरण पर संस्थानों को 50 लाख रुपये तक का अनुदान देने का प्रावधान है।
डीएम का संदेश
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी विभाग समन्वय बनाकर तेजी से कार्य करें, ताकि किसानों को फसल नुकसान का उचित मुआवजा और निर्यात नीति का अधिकतम लाभ मिल सके।
निष्कर्ष:
प्रशासन की सक्रियता से जहां एक ओर किसानों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई मिलने की उम्मीद बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर कृषि निर्यात को बढ़ावा देकर जिले के किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।।
