अम्बेडकरनगर :
प्राथमिक विद्यालय के वाल वाटिका पुस्तकालय की हुई सराहना।।
पुस्तकालय से नैतिक मूल्यों का होता है संवर्धन:: बीइओ
।। पूनम तिवारी।।
दो टूक : अंबेडकर नगर जनपद के शिक्षा क्षेत्र कटेहरी के प्राथमिक विद्यालय खेमापुर में वाल वाटिका व पुस्तकालय इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसका नवनिर्माण के उपरांत शुभारंभ सोमवार को समारोह पूर्वक खण्ड शिक्षा अधिकारी कटेहरी प्रिया पाठक के द्वारा किया गया।उन्होंने पुस्तकालय के नव निर्माण,उसकी साज-सज्जा और बच्चों के लिए बनाए गए अनुकूल शैक्षिक वातावरण की खुलकर प्रशंसा की।इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी प्रिया पाठक ने पुस्तकालय में उपलब्ध विभिन्न प्रकार की ज्ञानवर्धक,नैतिक एवं मनोरंजक पुस्तकों का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के पुस्तकालय बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने का एक सशक्त माध्यम हैं।आज के समय में,जब बच्चे मोबाइल और टीवी की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं,ऐसे पुस्तकालय उन्हें सही दिशा देने का कार्य करते हैं।उन्होंने विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं समस्त शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों में भी यदि संकल्प और लगन हो,तो इस प्रकार के उत्कृष्ट कार्य संभव हैं।पुस्तकालय की आकर्षक सजावट, रंगीन चित्र, प्रेरणादायक उद्धरण और व्यवस्थित पुस्तकें बच्चों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं, जिससे वे स्वेच्छा से पढ़ाई की ओर प्रेरित होते हैं।खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि पुस्तकालय का नियमित रूप से संचालन सुनिश्चित किया जाए और प्रत्येक कक्षा के बच्चों के लिए समय निर्धारित कर उन्हें पुस्तकालय से जोड़ा जाए।उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए सामान्य ज्ञान, कहानी,प्रेरणादायक और वैज्ञानिक पुस्तकों से भी परिचित कराया जाए,ताकि उनका बौद्धिक एवं मानसिक विकास समग्र रूप से हो सके।इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी ने कुछ छात्रों से बातचीत भी की और उनकी रुचियों के बारे में जानकारी ली। बच्चों ने उत्साहपूर्वक पुस्तकालय के प्रति अपनी रुचि व्यक्त की और बताया कि उन्हें यहां आकर नई-नई कहानियां पढ़ने और ज्ञान बढ़ाने का अवसर मिलता है।
विद्यालय परिवार ने सहायक अध्यापक हनुमान सिंह के नेतृत्व में खंड शिक्षा अधिकारी के आगमन पर उनका स्वागत किया और उनके मार्गदर्शन के लिए आभार प्रकट किया। प्रधानाध्यापक ने बताया कि भविष्य में पुस्तकालय को और समृद्ध बनाने के लिए नए प्रयास किए जाएंगे तथा अधिक से अधिक उपयोगी पुस्तकों को जोड़ा जाएगा।
इस पहल से न केवल विद्यालय का शैक्षिक वातावरण सुदृढ़ हुआ है, बल्कि बच्चों के अंदर सीखने की नई ललक भी उत्पन्न हुई है। वाल वाटिका पुस्तकालय निश्चित रूप से शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बनकर उभर रहा है और अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रहा है।
इस दौरान प्रमुख रूप से प्रधानाध्यापक राम अर्जुन सहायक अध्यापक हनुमान सिंह शैलजा सिंह प्रियंका सोनकर रूप पटेल एजुकेटर अनुपम गुप्ता हरीश वर्मा आसमा आशुतोष मिश्रा विजयवीर सिंह अमित सिंह ग्राम प्रधान संत प्रसाद प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
