गौतमबुद्धनगर: दनकौर में आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण: व्यवस्थाओं में मिली भारी खामियां, सुधार के सख्त निर्देश!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
गौतमबुद्धनगर, 01 अप्रैल 2026।
दो टूक//जनपद के दनकौर परियोजना क्षेत्र में बाल विकास परियोजना अधिकारी संध्या सोनी द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। इस दौरान न केवल केंद्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया, बल्कि Village Health Sanitation and Nutrition Day (VHSND) सत्र का भी अवलोकन किया गया। निरीक्षण में कई स्तरों पर गंभीर खामियां सामने आईं, जिसके बाद संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान दनकौर टाउन स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर कार्यकर्त्री कुशुमलता मौजूद मिलीं और वहां VHSND सत्र संचालित हो रहा था। हालांकि, केंद्र पर चार आंगनवाड़ी इकाइयों के सापेक्ष केवल एक कार्यकर्त्री और दो सहायिकाएं ही उपस्थित पाई गईं। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि सत्र के दौरान मात्र दो बच्चे ही उपस्थित थे, जिससे लाभार्थियों की कम भागीदारी साफ नजर आई।
इस दौरान एक महिला आरक्षी द्वारा बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रति जागरूक किया गया। बच्चों को बताया गया कि किसी भी आपात या संकट की स्थिति में वे इस सेवा के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, उन्हें समाज में जागरूकता फैलाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि केंद्र पर आवश्यक सामग्रियों की भारी कमी है। केवल तीन से चार प्रकार की सामग्री ही उपलब्ध थी, जबकि निर्धारित मानकों के अनुसार पर्याप्त संसाधनों की व्यवस्था होना आवश्यक है।
इसके बाद टीम ने दनकौर क्षेत्र के अन्य आंगनवाड़ी केंद्रों—सिलारपुर और भट्टा पारसौल—का भी निरीक्षण किया, जहां केंद्र बंद पाए गए। स्थिति और गंभीर तब दिखी जब किसी भी केंद्र पर PMMVY (प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना) रजिस्टर और पोषाहार रजिस्टर उपलब्ध नहीं मिला। यहां तक कि जिस केंद्र पर VHSND सत्र चल रहा था, वहां भी लाभार्थियों की सूची मौजूद नहीं थी।
इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए बाल विकास परियोजना अधिकारी ने संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक अभिलेखों का नियमित संधारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही VHSND सत्र के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध कराई जाएं, ताकि लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ।।
