गौतमबुद्धनगर: भाकियू की मोरना बारात घर में समीक्षा बैठक: किसानों की समस्याओं पर मंथन, बड़े आंदोलन की चेतावनी के बीच संगठनात्मक एकजुटता पर भी उठे सवाल!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
नोएडा, 12 अप्रैल 2026 (रविवार):
दो टूक//नोएडा के मोरना स्थित बारात घर में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए भविष्य की रणनीति तय की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ किसान नेता राजपाल शर्मा ने की, जबकि संचालन भाकियू के जिला अध्यक्ष गौतम बुद्ध नगर अशोक भाटी द्वारा किया गया।
बैठक में बड़ी संख्या में किसानों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली, जिससे कार्यक्रम अत्यंत प्रभावशाली और सफल रहा। इस दौरान राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुभाष चौधरी, एनसीआर अध्यक्ष परविंदर अवाना, महानगर अध्यक्ष श्रीपाल कसाना, पवन चौरौली, सुखबीर प्रधान, विनोद प्रधान, नवल प्रधान, रविंद्र भगत, सुंदर बाबा, मनोज त्यागी, नरेंद्र नागर, विपिन तंवर,सचिन अवाना सहित कई प्रमुख किसान नेता उपस्थित रहे।
किसानों की समस्याओं पर गहन चर्चा
बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से उठाईं गईं। किसानों ने भूमि अधिग्रहण में अनियमितताओं, मुआवजे में देरी, मूलभूत सुविधाओं की कमी और प्राधिकरणों के उदासीन रवैये पर गंभीर चिंता जताई। किसानों का कहना था कि लगातार शिकायतों के बावजूद अधिकारियों द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है।
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुभाष चौधरी ने आरोप लगाया कि प्राधिकरणों पर दलालों का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, जिससे किसानों के वैध कार्य भी लंबित पड़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
वहीं, एनसीआर अध्यक्ष परविंदर अवाना ने स्पष्ट कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन का कोई भी रूप अपनाया जाएगा।
अशोक भाटी ने उठाई ‘किसान एक्ट’ की मांग
जिला अध्यक्ष अशोक भाटी ने बैठक में किसानों के अधिकारों की मजबूती के लिए सख्त “किसान एक्ट” लागू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि किसानों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बिना सहमति के भूमि अधिग्रहण पूरी तरह बंद होना चाहिए।
उन्होंने संगठन को मजबूत और संगठित रखते हुए किसानों की आवाज को प्रभावी तरीके से उठाने पर जोर दिया।
शिक्षा और रोजगार पर भी जोर
बैठक में जिला सचिव सचिन अवाना ने संक्षेप में किसानों के बच्चों की शिक्षा और युवाओं के रोजगार के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि गांवों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना जरूरी है, तभी किसानों के भविष्य को मजबूत किया जा सकता है।
बड़े आंदोलन का संकेत
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तीनों प्राधिकरणों के साथ निरंतर संवाद जारी रखा जाएगा। साथ ही यह भी तय हुआ कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं होता है, तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित नोएडा दौरे के बाद एक बड़े जनआंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
इस प्रस्ताव पर उपस्थित किसानों ने हाथ उठाकर समर्थन जताया और एकजुटता का संदेश दिया।
बैनर विवाद ने खड़े किए सवाल
हालांकि, बैठक के दौरान संगठनात्मक स्तर पर एक मुद्दा चर्चा का विषय बन गया। मोरना बारात घर में लगे भाकियू के बैनर में जिला अध्यक्ष अशोक भाटी का नाम और फोटो नदारद दिखा, जिससे कार्यकर्ताओं के बीच हलचल देखी गई। इसे लेकर कुछ कार्यकर्ताओं में असंतोष भी नजर आया और संगठन में पूर्ण एकजुटता को लेकर सवाल उठने लगे।
हालांकि, जानकारों का मानना है कि अशोक भाटी लंबे समय से किसानों के हितों के लिए सक्रिय और संघर्षशील भूमिका निभाते रहे हैं तथा संगठन को मजबूत दिशा देने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में इस तरह की तकनीकी या व्यवस्थागत चूक को संगठन के व्यापक उद्देश्य से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
एकजुटता के संकल्प के साथ समाप्त हुई बैठक
बैठक में प्रमोद टाइगर, संदीप अवाना, अमित अवाना, प्रवीण बाबा, धीरेश नंबरदार, दीपक भाटी, सिंह राज गुर्जर, अनिल अवाना, सचिन अवाना, सतपाल अवाना, कंवर सिंह, बलराज विधूड़ी सहित सैकड़ों किसान एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कुल मिलाकर यह बैठक किसानों की एकता, संघर्ष और अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत संकल्प के रूप में सामने आई, जिसने आने वाले समय में संभावित बड़े आंदोलन की दिशा तय कर दी है।।
