गौतमबुद्धनगर: आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर सख्ती: उपद्रव पर ब्लैकलिस्टिंग और लाइसेंस निरस्तीकरण की चेतावनी, डीएम ने दिए सख्त निर्देश!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// गौतमबुद्धनगर, 14 अप्रैल 2026।
जनपद में औद्योगिक शांति बनाए रखने और शासन की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों से जुड़ी आउटसोर्सिंग एजेंसियों एवं संविदाकारों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या उपद्रवी गतिविधि अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि औद्योगिक इकाइयों के संचालन और रोजगार सृजन में आउटसोर्सिंग एजेंसियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में एजेंसियों का दायित्व है कि वे अपने श्रमिकों को अनुशासन, संयम और कानून का पालन करने के लिए प्रशिक्षित करें, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी एजेंसी या उसके कर्मचारी/श्रमिक द्वारा उपद्रवी व्यवहार किया जाता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की भी मानी जाएगी। ऐसे मामलों में एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ उसका लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
बैठक में श्रमिकों के वेतन भुगतान को लेकर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। जिलाधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन के अनुसार अकुशल श्रमिकों को ₹13,690, अर्धकुशल श्रमिकों को ₹15,059 तथा कुशल श्रमिकों को ₹16,868 प्रतिमाह दिया जाना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी संविदाकार इन वेतनमानों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें और श्रमिकों के बैंक खातों में समय से पूर्ण वेतन का हस्तांतरण करें।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि उद्योग, श्रमिक और नियोजक एक-दूसरे के पूरक हैं। औद्योगिक गतिविधियों का सुचारु संचालन न केवल रोजगार को सुरक्षित रखता है, बल्कि जनपद और प्रदेश के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाता है। यदि किसी कारणवश औद्योगिक शांति भंग होती है, तो इसका नकारात्मक प्रभाव सभी पक्षों पर पड़ता है।
उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न दें और आपसी सहयोग, संवाद एवं विश्वास के साथ कार्य करते हुए औद्योगिक माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखें।
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार श्रमिकों और नियोजकों दोनों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रशासन तत्परता से कार्य करेगा।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अतुल कुमार, डीडी फैक्ट्री बृजेश सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण एवं विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के संविदाकार उपस्थित रहे।।
