शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर नोएडा में विशेष कार्यक्रम, बच्चों को समावेशिता और स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस पर नोएडा में विशेष कार्यक्रम, बच्चों को समावेशिता और स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के अवसर पर सेक्टर-73 स्थित सर्फाबाद के संस्कार अध्ययन केन्द्र में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नोएडा लोकमंच के सहयोग से संचालित केंद्र में फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों, शिक्षकों एवं विशेषज्ञों की सक्रिय भागीदारी रही।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समावेशिता की भावना को प्रोत्साहित करना तथा उनके समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करना रहा। इस दौरान बच्चों को ऑटिज़्म के लक्षणों, व्यवहारिक संकेतों तथा अपने साथियों के प्रति संवेदनशील और सहयोगी बनने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

विशेषज्ञों ने कार्यक्रम में आधुनिक जीवनशैली के प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों का अत्यधिक उपयोग बच्चों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आँखों में तनाव, गर्दन और कंधों में दर्द, एकाग्रता में कमी तथा सीखने की क्षमता प्रभावित होती है। साथ ही यह बच्चों के न्यूरो-विकास पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

फाउंडेशन के डॉक्टर डॉ. महिपाल सिंह और डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि ऑटिज़्म हर बच्चे में नहीं होता, लेकिन बदलती जीवनशैली—जैसे कामकाजी अभिभावकों की व्यस्तता और बच्चों का सीमित सामाजिक संपर्क—कुछ बच्चों में ऑटिज़्म जैसे लक्षण उत्पन्न कर सकती है। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले सूक्ष्म परिवर्तनों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

कार्यक्रम के अंत में फाउंडेशन की ओर से बच्चों द्वारा तैयार इन-हाउस पत्रिका, हैंडवॉश एवं ग्लास क्लीनर शिक्षकों और विद्यार्थियों को भेंट किए गए। इसके साथ ही शिक्षकों को कक्षा स्तर पर बच्चों की प्रारंभिक स्क्रीनिंग के व्यावहारिक और सरल तरीके भी बताए गए, जिससे समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

इस अवसर पर फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी, कृष्णा यादव (एडमिन हेड), इलिका रावत (स्पेशल एजुकेटर), अभिनव प्रताप सिंह (फिजियोथेरेपिस्ट), नैतिक ओझा एवं रजत शर्मा उपस्थित रहे। वहीं संस्कार अध्ययन केन्द्र की प्राधानाचार्य पुष्पा सिंह, कोषाध्यक्ष मुक्ता गुप्ता, रेनू छिब्बर सहित अन्य अध्यापिकाओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

कार्यक्रम ने बच्चों और शिक्षकों के बीच ऑटिज़्म के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ एक सकारात्मक और समावेशी वातावरण के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।।