गौतमबुद्धनगर: नोएडा सेक्टर-94 में छात्र की मौत: डूबने की घटना पर उठे सवाल, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा के सेक्टर-94 क्षेत्र से एक बार फिर दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रथम दृष्टया मामला पानी में डूबने का बताया जा रहा है, लेकिन मृतक के शरीर पर मिले चोट के निशानों ने पूरे घटनाक्रम को संदेह के घेरे में ला खड़ा किया है।
मृतक की पहचान हर्षित भट (निवासी इंदिरापुरम, गाजियाबाद) के रूप में हुई है, जो एक प्रतिष्ठित निजी विश्वविद्यालय का छात्र था। जानकारी के अनुसार, हर्षित अपने तीन दोस्तों के साथ सेक्टर-94 इलाके में पिकनिक मनाने आया था। इसी दौरान वह एक गहरे पानी से भरे गड्ढे में डूब गया। दोस्तों द्वारा सूचना देने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
घटना पर उठे कई सवाल, दोस्तों से पूछताछ जारी
पुलिस के अनुसार, घटना के समय मौजूद तीनों दोस्तों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि घटना की सटीक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। शुरुआती जांच में डूबने की बात सामने आई है, लेकिन पुलिस अन्य सभी संभावनाओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है।
थाना सेक्टर-126 के प्रभारी सुमनेश विकल ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना बताया गया है, हालांकि अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है।
परिजनों का आरोप—“सिर्फ हादसा नहीं, साजिश की आशंका”
मृतक के परिजनों ने इस पूरे मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई है। हर्षित की मां का कहना है कि उनके बेटे के शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि यह महज एक दुर्घटना नहीं हो सकती। परिवार ने मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराने की मांग की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
लगातार हो रहे हादसे, प्रशासन पर उठ रहे सवाल
गौरतलब है कि नोएडा में इस तरह के हादसे पहले भी सामने आ चुके हैं। कुछ समय पहले युवराज नाम के युवक की भी गहरे पानी में डूबने से मौत हुई थी, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। उस घटना के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण के सीईओ को हटाया गया और एसआईटी जांच भी गठित की गई थी।
इसके बावजूद सेक्टर-94 समेत कई इलाकों में खतरनाक गड्ढों में भरे पानी को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं।
60 से ज्यादा खतरनाक स्थल, फिर भी नहीं सुरक्षा इंतजाम
सूत्रों के मुताबिक, नोएडा में करीब 60 से अधिक ऐसे स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां गहरे गड्ढों में पानी भरा हुआ है और हादसे का खतरा लगातार बना रहता है। हैरानी की बात यह है कि इन स्थानों पर न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई है और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा आम लोगों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
इंसाफ की मांग और प्रशासन से बड़ी उम्मीद
इस दर्दनाक घटना के बाद एक बार फिर सवाल उठ खड़े हुए हैं कि आखिर कब तक ऐसी लापरवाहियों के चलते लोगों की जान जाती रहेगी। परिजनों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की तह तक जाने का प्रयास किया जा रहा है।।
