शनिवार, 4 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: नालों पर ही लगेगा ‘सफाई का प्लांट’: नोएडा में 8 नए STP से रुकेगा प्रदूषण, 18 महीने में ‘जीरो डिस्चार्ज’ का लक्ष्य!!

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गौतमबुद्धनगर: नालों पर ही लगेगा ‘सफाई का प्लांट’: नोएडा में 8 नए STP से रुकेगा प्रदूषण, 18 महीने में ‘जीरो डिस्चार्ज’ का लक्ष्य!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। शहर में बढ़ते जल प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। अब शहर के प्रमुख नालों पर ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किए जाएंगे, जिससे गंदे पानी को सीधे स्रोत पर ही साफ किया जा सके। इस योजना के तहत कुल 8 नए STP प्लांट बनाए जाएंगे, जिनमें से 5 के लिए कंपनियों की तलाश शुरू कर दी गई है।

प्राधिकरण का लक्ष्य है कि इन प्लांट्स का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद करीब 18 महीनों में पूरा कर लिया जाए, ताकि नालों के जरिए नदियों में पहुंचने वाले प्रदूषण को काफी हद तक रोका जा सके।

नालों पर ही ट्रीटमेंट, यमुना-हिंडन को मिलेगी राहत

इस नई योजना के तहत STP प्लांट्स को उन स्थानों पर स्थापित किया जाएगा, जहां से सीधा गंदा पानी नालों में गिरता है। यानी अब सीवेज को दूर ले जाकर नहीं, बल्कि उसी जगह ट्रीट किया जाएगा जहां से प्रदूषण शुरू होता है

इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यमुना और हिंडन नदी को मिलेगा, जो लंबे समय से प्रदूषण की मार झेल रही हैं। गंदे पानी को पहले ही साफ कर लेने से नदियों में जाने वाला प्रदूषण काफी कम हो जाएगा।

यह कदम नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के उस सख्त रुख के बाद उठाया गया है, जिसमें बिना ट्रीटमेंट के सीवेज को नालों में छोड़ने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे।

पहले चरण में 9 बड़े नाले चिन्हित

प्राधिकरण ने पहले चरण में शहर के 9 प्रमुख नालों को चिन्हित किया है, जहां ये प्लांट लगाए जाएंगे। इनमें शामिल हैं:

  • मोरना
  • सेक्टर-34
  • सेक्टर-25
  • सेक्टर-91
  • सेक्टर-105
  • सेक्टर-108
  • एमिटी यूनिवर्सिटी के पास का नाला
  • हरौला
  • सेक्टर-62

जरूरत पड़ने पर भविष्य में अन्य नालों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा।

हर प्लांट 8 MLD क्षमता का, 2 करोड़ खर्च

प्रत्येक STP प्लांट की क्षमता करीब 8 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) होगी। अनुमान है कि एक प्लांट पर लगभग 2 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

फिलहाल 5 नालों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और कंपनियों से आवेदन मांगे गए हैं। चयन प्रक्रिया पूरी होते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा।

NEERI ने तैयार की रिपोर्ट, पहले से चल रहे हैं 8 बड़े STP

इस पूरे प्रोजेक्ट की विस्तृत रिपोर्ट नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) द्वारा तैयार की गई है।

अभी नोएडा में 8 बड़े STP पहले से संचालित हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 210 एमएलडी है। नए प्लांट जुड़ने के बाद शहर में सीवेज ट्रीटमेंट की क्षमता और मजबूत होगी।

‘जीरो डिस्चार्ज’ की ओर बढ़ता नोएडा

प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शहर को “जीरो डिस्चार्ज” की श्रेणी में लाया जाए, यानी बिना ट्रीटमेंट के कोई भी गंदा पानी नालों या नदियों में न जाए।

अगर यह योजना तय समय में पूरी होती है, तो नोएडा न केवल प्रदूषण नियंत्रण में बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा, बल्कि देश के अन्य शहरों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।।