मंगलवार, 7 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: फीस पर लगा नियंत्रण: 7.23% से ज्यादा बढ़ोतरी नहीं, स्कूलों के लिए सख्त नियम लागू!!

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गौतमबुद्धनगर: फीस पर लगा नियंत्रण: 7.23% से ज्यादा बढ़ोतरी नहीं, स्कूलों के लिए सख्त नियम लागू!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 07 अप्रैल 2026

जिले में निजी विद्यालयों की मनमानी फीस वृद्धि पर लगाम लगाने के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की अहम बैठक आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में शिक्षा और वित्त से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्कूल प्रबंधन और अभिभावक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए फीस निर्धारण समेत कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो सीधे तौर पर लाखों अभिभावकों को राहत देने वाले हैं।

बैठक में तय किया गया कि सत्र 2026-27 में स्कूल फीस में अधिकतम 7.23 प्रतिशत तक ही वृद्धि की जा सकेगी। यह वृद्धि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर तय की गई है। समिति ने स्पष्ट किया कि इससे अधिक फीस बढ़ाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इसके साथ ही स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। अब कोई भी विद्यालय छात्रों को किताबें, यूनिफॉर्म, जूते या अन्य सामग्री किसी विशेष दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। साथ ही NCERT की पुस्तकों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है, ताकि शिक्षा सस्ती और सुलभ हो सके।

समिति ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे फीस वृद्धि से संबंधित पूरी जानकारी अपनी वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। वहीं, स्कूलों में सुरक्षा मानकों को लेकर भी सख्ती दिखाई गई है। बिना अनुमति या NOC के किसी भी स्कूल में स्विमिंग पूल संचालित करने पर रोक लगाई गई है, और जिन स्कूलों में पूल संचालित हैं, वहां लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षित कोच नियुक्त करना अनिवार्य किया गया है।

यूनिफॉर्म को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया है। अब कोई भी विद्यालय लगातार पांच वर्षों के भीतर स्कूल ड्रेस में बदलाव नहीं कर सकेगा। यदि बदलाव आवश्यक हो, तो इसके लिए जिला शुल्क नियामक समिति से पूर्व अनुमोदन लेना होगा। इसके अलावा हर साल किताबें बदलने की प्रवृत्ति पर भी रोक लगाई गई है।

अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए समिति ने ई-मेल आईडी feecommitteegbn@gmail.com जारी की है, जिस पर कोई भी अभिभावक फीस वृद्धि या अन्य समस्याओं की शिकायत दर्ज करा सकता है।

नियमों के उल्लंघन पर कड़ी सजा का भी प्रावधान किया गया है। पहली बार उल्लंघन करने पर स्कूल को अधिक वसूली गई फीस वापस करने के साथ एक लाख रुपये तक का जुर्माना भरना होगा। दूसरी बार में यह जुर्माना बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया जाएगा, जबकि तीसरी बार उल्लंघन की स्थिति में स्कूल की मान्यता तक रद्द करने की संस्तुति की जा सकती है।

जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों को चेतावनी दी है कि इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें। अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल प्रबंधन की होगी।।