गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में 5 अप्रैल को निषाद पार्टी की महारैली, डॉ. संजय निषाद का ऐलान—“हक के लिए अब निर्णायक लड़ाई”!!

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गौतमबुद्धनगर: नोएडा में 5 अप्रैल को निषाद पार्टी की महारैली, डॉ. संजय निषाद का ऐलान—“हक के लिए अब निर्णायक लड़ाई”!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक// नोएडा, उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने गुरुवार को नोएडा मीडिया क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में 5 अप्रैल को होने वाली निषाद पार्टी की प्रस्तावित महारैली को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठन के विस्तार और शक्ति प्रदर्शन का अहम पड़ाव बताते हुए कहा कि अब समाज अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।

डॉ. निषाद ने कहा कि 5 अप्रैल को नोएडा इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाली यह महारैली केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मछुआ/कश्यप/निषाद समाज के अधिकारों की आवाज बुलंद करने का मंच बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने वर्षों तक इस समाज का केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उन्हें उनके हक और सम्मान से वंचित रखा।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के साथ अपने गठबंधन को “मजबूत और पवित्र” बताते हुए कहा कि यह गठबंधन समाज के वास्तविक विकास और सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पहले गोरखपुर और प्रयागराज में आयोजित रैलियों में भारी जनसमर्थन मिला, जिससे पार्टी का मनोबल काफी बढ़ा है।

डॉ. निषाद ने बताया कि पहले यह रैली मेरठ में प्रस्तावित थी, लेकिन अब इसे गौतमबुद्ध नगर में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने दनकौर क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए कहा कि यह क्षेत्र वीर एकलव्य से जुड़ा है और इसी ऐतिहासिक भावना को ध्यान में रखते हुए स्थान परिवर्तन किया गया है। उन्होंने कहा कि महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर होने वाली यह सभा पश्चिमांचल में पार्टी की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगी और यह संदेश देगी कि निषाद पार्टी अब केवल पूर्वांचल तक सीमित नहीं है।

उन्होंने कहा कि पार्टी को प्रदेशभर में मछुआ समाज की सभी उपजातियों—केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, धीवर, कश्यप, तुरैहा, रायकवार सहित अन्य पिछड़ी जातियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है, क्योंकि ये सभी समुदाय खुद को पूर्ववर्ती सरकारों से उपेक्षित महसूस करते हैं।

इस महारैली को सफल बनाने में स्थानीय नेतृत्व की भी अहम भूमिका रहेगी। विशेष रूप से जनपद के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र डाढ़ा का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। वीरेंद्र डाढ़ा क्षेत्र के एक मजबूत जननेता माने जाते हैं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान ग्रामीण विकास, सामाजिक समरसता और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। उनकी जमीनी पकड़ और विभिन्न समाजों में प्रभाव के चलते रैली में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित मानी जा रही है। खासतौर पर गुर्जर समाज में उनकी अच्छी पकड़ है, जिससे इस आयोजन को व्यापक जनसमर्थन मिलने की संभावना और भी मजबूत हो गई है।

इसके अलावा युवा मोर्चा के सुमित गुर्जर, इंजीनियर प्रवीण निषाद, रविन्द्रमणि निषाद, व्यास मुनि निषाद, पूरन सिंह कश्यप, प्रदीप कश्यप और जोगेंद्र विकल के नेतृत्व में भी बड़ी संख्या में लोग रैली में शामिल होंगे।

कुल मिलाकर, 5 अप्रैल को होने वाली यह महारैली निषाद पार्टी के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपनी ताकत दिखाने का बड़ा मंच साबित हो सकती है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।।