शनिवार, 4 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: 3 दिन का बड़ा सुरक्षा ऑडिट अभियान: गौतमबुद्धनगर की सोसायटियों में होगी सख्त जांच, लापरवाही पर कार्रवाई तय!!

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गौतमबुद्धनगर: 3 दिन का बड़ा सुरक्षा ऑडिट अभियान: गौतमबुद्धनगर की सोसायटियों में होगी सख्त जांच, लापरवाही पर कार्रवाई तय!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौतमबुद्धनगर, 4 अप्रैल 2026

दो टूक// पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में 5 अप्रैल से 7 अप्रैल 2026 तक पूरे कमिश्नरेट क्षेत्र में विशेष सुरक्षा ऑडिट अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत सोसायटियों, सेक्टरों और विभिन्न संस्थानों में तैनात प्राइवेट सुरक्षाकर्मियों की गहन जांच की जाएगी।

यह अभियान ऐसे समय में शुरू किया जा रहा है जब शहरी क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्कता बढ़ाई जा रही है। पुलिस का उद्देश्य है कि हर नागरिक को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल मिल सके।

 क्या-क्या होगा जांच के दायरे में?

इस विशेष अभियान के दौरान पुलिस टीमों द्वारा कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर बारीकी से जांच की जाएगी—

  • प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियों का पुलिस सत्यापन हुआ है या नहीं
  • सोसायटियों में आने-जाने वाले लोगों और वाहनों का एंट्री/एग्जिट रजिस्टर सही तरीके से मेंटेन हो रहा है या नहीं
  • एंट्री-एग्जिट के लिए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है या नहीं
  • सीसीटीवी कैमरों की संख्या, उनकी कार्यशीलता और फुटेज स्टोरेज की स्थिति
  • रात के समय सुरक्षा के लिए किए गए अतिरिक्त इंतजाम

 लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

पुलिस ने साफ कर दिया है कि अभियान के दौरान किसी भी तरह की अनियमितता मिलने पर संबंधित सोसायटी, एजेंसी या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इससे साफ संकेत है कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

RWA और AOA के साथ समन्वय

इस अभियान को सफल बनाने के लिए पुलिस द्वारा आरडब्ल्यूए (RWA), एओए (AOA) और सिक्योरिटी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि सुरक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सके।

 आमजन से अपील

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक रहें और इस अभियान में पूरा सहयोग करें। पुलिस का मानना है कि जनता की सहभागिता से ही एक सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।

 यह अभियान न केवल सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर करेगा, बल्कि भविष्य में अपराधों की रोकथाम के लिए एक मजबूत आधार भी तैयार करेगा।।