बड़ी कार्रवाई: योगी सरकार का श्रम कानूनों पर शिकंजा, गौतमबुद्धनगर में 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
▪️ 24 कारखानों में बड़े पैमाने पर एक्शन, 1.16 करोड़ की पेनल्टी नोटिस जारी
▪️ श्रमिकों का बकाया भुगतान नहीं करने वालों पर वसूली और मुकदमे की तैयारी
▪️ 21% वेतन वृद्धि लागू, मई में मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन
गौतमबुद्धनगर, 17 अप्रैल।
दो टूक// उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने श्रमिकों के अधिकारों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ बड़ा और सख्त कदम उठाया है। गौतमबुद्धनगर में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 औद्योगिक प्रतिष्ठानों से जुड़े 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त करने, बकाया वसूली और संबंधित एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के अनुसार, हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलनों के दौरान तोड़फोड़ की घटनाओं में कुछ संविदाकारों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि कई संविदाकारों ने श्रमिकों को उनके वैधानिक अधिकारों और देय लाभों से वंचित रखा। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने 1 करोड़ 16 लाख 5 हजार 67 रुपये की पेनल्टी का नोटिस जारी किया है, जिसे श्रमिकों को भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अन्य दोषी संविदाकारों की पहचान भी जारी है और उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का संदेश साफ है—श्रमिकों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
वेतन वृद्धि पर बड़ा फैसला
श्रमिकों के वेतन को लेकर लंबे समय से चल रहे असंतोष को देखते हुए शासन स्तर पर गठित उच्च स्तरीय समिति की संस्तुति के आधार पर गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में 74 अनुसूचित नियोजनों के श्रमिकों के वेतन में 21 प्रतिशत की वृद्धि लागू कर दी गई है।
यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी और इसका भुगतान मई माह की 7 से 10 तारीख के बीच किया जाएगा। नई दरें संविदा और स्थायी—दोनों प्रकार के श्रमिकों पर समान रूप से लागू होंगी।
नियमों का सख्ती से पालन होगा
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि:
- वेतन से ईपीएफ और ईएसआई के अलावा कोई अन्य कटौती मान्य नहीं होगी
- ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से किया जाएगा
- बोनस, ग्रेच्युटी समेत सभी वैधानिक लाभ अनिवार्य होंगे
- वेतन में देरी या कटौती पर संविदाकार के साथ-साथ प्रधान सेवायोजक भी जिम्मेदार होंगे
नियमों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
बॉक्स: उद्यमी संगठन भी आए आगे
जनपद में औद्योगिक शांति बनाए रखने के लिए उद्यमी संगठन भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सरकार की गाइडलाइंस और न्यूनतम वेतन वृद्धि के अनुपालन को सुनिश्चित कराने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप्स, ऑडियो-वीडियो संदेशों के जरिए लगातार अपील की जा रही है।
इन प्रयासों से औद्योगिक इकाइयों में नियमों का पालन बढ़ा है और श्रमिक-प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय बनता दिखाई दे रहा है।
कुल मिलाकर, यह कार्रवाई न सिर्फ श्रम कानूनों के सख्त अनुपालन का संकेत है, बल्कि श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार की स्पष्ट और कठोर नीति को भी दर्शाती है।
