गौतमबुद्धनगर: जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर अब नहीं होगी देरी: विधान परिषद समिति की सख्त चेतावनी, 10 बिंदुओं पर अधिकारियों की जवाबदेही तय!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 06 अप्रैल 2026।
उत्तर प्रदेश विधान परिषद की विनियमन समीक्षा समिति की अहम बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार, गौतमबुद्धनगर में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति अश्विनी त्यागी ने की, जिसमें जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ निर्धारित 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई।
बैठक में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण सहित पुलिस, राजस्व, स्वास्थ्य, परिवहन, लोक निर्माण और शिक्षा विभागों के कार्यों का बारीकी से आकलन किया गया। विशेष रूप से वर्ष 2024 से अब तक विधान मंडल के सदस्यों द्वारा भेजे गए पत्रों, विकास कार्यों के प्रस्तावों और उनके निस्तारण की स्थिति पर गंभीर चर्चा हुई।
समिति ने साफ शब्दों में निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के पत्रों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही समिति द्वारा मांगी गई सूचनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। प्रोटोकॉल के पालन, जनप्रतिनिधि रजिस्टर की उपलब्धता और उल्लंघन से जुड़े मामलों पर भी कड़ी नजर रखने को कहा गया।
बैठक के दौरान मानव सम्पदा पोर्टल पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा संपत्ति विवरण जमा करने की स्थिति और भ्रष्टाचार से संबंधित शिकायतों पर की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। समिति ने दो टूक कहा कि जनहित से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए और शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता हर हाल में सुनिश्चित हो।
इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के सत्यापन और पात्र लाभार्थियों के शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी मेधा रूपम ने समिति को अब तक की प्रगति से अवगत कराते हुए भरोसा दिलाया कि सभी निर्देशों का प्रभावी पालन कराया जाएगा।
बैठक में समिति के सदस्य पवन कुमार सिंह, धर्मेन्द्र भारद्वाज, विरेन्द्र सिंह, ओमप्रकाश सिंह, श्रीचन्द शर्मा, दिनेश कुमार गोयल, जिला अध्यक्ष अभिषेक शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
