गौतमबुद्धनगर: नोएडा में विकास को रफ्तार: ₹10 हजार करोड़ का बजट पास, स्पोर्ट्स सिटी को मंजूरी, बकायेदारों को बड़ी राहत!!
दो टूक//नोएडा, 6 अप्रैल 2026।
शहर के समग्र विकास को नई दिशा देने वाली नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक सोमवार को सेक्टर-6 स्थित मुख्य प्रशासनिक भवन में सम्पन्न हुई। बैठक में बुनियादी ढांचे, रुकी हुई परियोजनाओं, वित्तीय प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त उत्तर प्रदेश एवं प्राधिकरण के चेयरमैन श्री दीपक कुमार ने की, जबकि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल रहे।
सबसे बड़ा फैसला वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर रहा, जिसमें ₹10,290.76 करोड़ की आय और ₹10,004.58 करोड़ के व्यय का लक्ष्य निर्धारित किया गया। हालांकि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में तय लक्ष्य के मुकाबले कम राजस्व प्राप्त होने पर अधिकारियों ने चिंता भी जाहिर की और आय बढ़ाने के उपायों पर जोर दिया।
रुकी परियोजनाओं को मिली गति, खरीदारों को राहत
लंबे समय से फंसी रियल एस्टेट परियोजनाओं को लेकर भी बैठक में सकारात्मक संकेत मिले। कुल 57 लिगेसी स्टॉल्ड प्रोजेक्ट्स में से 36 परियोजनाओं को राहत मिल चुकी है, जिससे 4364 फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिली है। यह कदम रियल एस्टेट सेक्टर में विश्वास बहाली की दिशा में अहम माना जा रहा है।
स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को हरी झंडी
सेक्टर-150 स्थित बहुप्रतीक्षित स्पोर्ट्स सिटी परियोजना को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप संशोधित लेआउट प्लान के साथ मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही पहले लिए गए कुछ निर्णयों को वापस लेते हुए परियोजना को नए सिरे से आगे बढ़ाने का रास्ता साफ किया गया है।
बकायेदारों के लिए एमनेस्टी स्कीम
प्राधिकरण ने जल बकाया पर एमनेस्टी स्कीम लागू कर आम लोगों को बड़ी राहत दी है। 16 अप्रैल से 15 मई तक भुगतान करने पर ब्याज में 40% की छूट मिलेगी। इसके बाद 30% और 20% की छूट क्रमशः अगले दो महीनों में दी जाएगी। 15 जुलाई 2026 के बाद यह योजना समाप्त हो जाएगी।
OTS और मिक्स्ड लैंड यूज पर बड़ा फैसला
वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना 2026 को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है, जिससे विभिन्न श्रेणियों के आवंटियों को राहत मिलेगी। साथ ही आवासीय और औद्योगिक भूखंडों में मिक्स्ड लैंड यूज की अनुमति देकर विकास और निवेश को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।
अधूरे निर्माण पर सख्ती, अंतिम मौका
ऐसे आवंटी जिन्होंने 12 वर्षों से अधिक समय बीतने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं किया है, उन्हें अंतिम अवसर देते हुए 3 महीने की समय-सीमा में आवेदन करने का मौका दिया गया है। इसके बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
फायर सेफ्टी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
नोएडा में बढ़ती आबादी और ऊंची इमारतों को देखते हुए फायर सेफ्टी को मजबूत करने के लिए ₹154.42 करोड़ के उपकरण और वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। वहीं सेक्टर-95 स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल और ग्रीन गार्डन के रखरखाव के लिए ₹107.77 करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया है।
ग्रीन वेस्ट मैनेजमेंट और प्रक्रियाओं में सुधार
शहर में प्रतिदिन निकलने वाले करीब 100 टन ग्रीन वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके अलावा भूखंडों के गलत उपयोग के मामलों में अब एक ही समिति के माध्यम से जांच और निस्तारण कर प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने का निर्णय लिया गया है।
निष्कर्षतः, इस बोर्ड बैठक के फैसले नोएडा के विकास को नई रफ्तार देने वाले साबित हो सकते हैं। जहां एक ओर अधूरी परियोजनाओं को गति मिलेगी, वहीं आम नागरिकों, निवेशकों और बकायेदारों को भी सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।।
