गौतमबुद्धनगर: MNC में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: बिसरख पुलिस ने ठगी करने वाले गिरोह का किया पर्दाफाश, 3 गिरफ्तार!!
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना बिसरख पुलिस ने मल्टीनेशनल कंपनियों (MNC) में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कंप्यूटर सिस्टम, फर्जी जॉब ऑफर लेटर, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विकास डाबर, अरुण कुमार और वैभव कुमार के रूप में हुई है। तीनों आरोपी बेरोजगार युवाओं को बड़ी कंपनियों में मोटे पैकेज वाली नौकरी दिलाने का लालच देकर ठगी करते थे। इस संबंध में 12 मार्च 2026 को पीड़ित की तहरीर पर थाना बिसरख में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गोपनीय सूचना पर हुई गिरफ्तारी
घटना के खुलासे के लिए पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में थाना बिसरख की एक टीम गठित की गई। टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर 13 मार्च 2026 को इटेड़ा गोल चक्कर के पास सर्विस रोड से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक सीपीयू, एक मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस, छह फर्जी जॉब ऑफर लेटर, तीन मोबाइल फोन और 7600 रुपये नकद बरामद किए हैं।
ऐसे बनाते थे ठगी का शिकार
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पहले MYWORKDAYJOBS.COM जैसे प्लेटफॉर्म पर प्रोफाइल बनाकर नौकरी तलाश रहे लोगों का डेटा जुटाते थे। इसके बाद उनसे संपर्क कर नामी मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।
आरोपी MAILHOSTINGR.COM और गूगल प्लेटफॉर्म पर बड़ी कंपनियों से मिलती-जुलती ई-मेल आईडी बनाकर फर्जी ऑफर लेटर तैयार करते थे और उसे उम्मीदवारों को मेल कर देते थे। इससे अभ्यर्थियों को भरोसा हो जाता था कि उन्हें नौकरी मिल गई है।
इसके बाद आरोपी सालाना पैकेज का 15 से 20 प्रतिशत कमीशन लेने की बात कहते थे और टोकन मनी के रूप में 40 हजार से 60 हजार रुपये तक अपने खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
लाखों रुपये की कर चुके हैं ठगी
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे अब तक इसी तरीके से कई लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर चुके हैं। ठगी की रकम वे PhonePe, Paytm और Google Pay के माध्यम से अपने खातों में मंगाते थे।
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और अन्य लेन-देन की जांच कर रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा सके।
आरोपियों का विवरण
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी विकास डाबर मूल रूप से हिसार (हरियाणा) का रहने वाला है और फिलहाल ग्रेटर नोएडा की एक सोसायटी में रह रहा था। जबकि अरुण कुमार मूल रूप से औरैया और वैभव कुमार बुलंदशहर के निवासी हैं।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले में थाना बिसरख में मु0अ0सं0 175/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।।
