गौतमबुद्धनगर: ककराला में किसान संगोष्ठी: रोजगार, प्राधिकरण और किसानों की अनदेखी पर गरजे नेता, बड़े आंदोलन के संकेत!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
नोएडा, 26 अप्रैल 2026।
दो टूक//नोएडा के ककराला गांव में रविवार को भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में किसान संगोष्ठी एवं संगठन विस्तार कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जाकिर चौधरी ने किया, जहां पहुंचने पर ग्रामवासियों ने पदाधिकारियों का पुष्प वर्षा और माल्यार्पण कर जोरदार स्वागत किया। पूरे आयोजन में ग्रामीण एकजुटता और किसानों के मुद्दों पर मुखरता साफ नजर आई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जबर्दिन नेताजी ने की, जबकि संचालन गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने कुशलता के साथ संभाला। मंच पर राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुभाष चौधरी, एनसीआर अध्यक्ष परविंदर अवाना, विकास गुर्जर, सुभाष भाटी और महेश खटाना सहित कई प्रमुख चेहरे मौजूद रहे।
स्थानीय युवाओं के रोजगार पर उठी आवाज
संगोष्ठी में सबसे प्रमुख मुद्दा क्षेत्र की बड़ी कंपनियों, खासकर सैमसंग समेत अन्य उद्योगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलना रहा। ग्रामवासियों ने आरोप लगाया कि “लोकल” के नाम पर युवाओं को दरकिनार किया जा रहा है, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है और युवा भटकने को मजबूर हो रहे हैं। इस पर सभी वक्ताओं ने एकजुट होकर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग उठाई।
अशोक भाटी: मजबूत नेतृत्व और जमीनी पकड़
जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने अपने संबोधन में बेहद संतुलित और प्रभावशाली तरीके से किसानों और युवाओं के मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि संगठन सिर्फ विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समाधान के लिए भी ठोस प्रयास करेगा। भाटी ने भरोसा दिलाया कि वे नोएडा प्राधिकरण और संबंधित कंपनियों से संवाद स्थापित कर स्थानीय युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार रोजगार दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
उनकी कार्यशैली, जमीनी पकड़ और प्रशासन के साथ समन्वय की क्षमता ने उन्हें क्षेत्र में एक मजबूत और भरोसेमंद नेतृत्व के रूप में स्थापित किया है। ग्रामीणों के बीच उनकी स्वीकार्यता और सक्रियता कार्यक्रम में साफ तौर पर दिखाई दी।
सुभाष चौधरी: मुखर आवाज, बड़े आंदोलन के संकेत
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी सुभाष चौधरी ने सरकार और प्रशासन पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चौधरी ने साफ संकेत दिए कि यदि हालात नहीं सुधरे तो गौतमबुद्ध नगर में जल्द ही एक बड़ा जनांदोलन शुरू किया जाएगा।
उनकी स्पष्टवादिता और मुद्दों पर आक्रामक रुख ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम किया।
परविंदर अवाना: संगठन को मजबूत करने पर जोर
एनसीआर अध्यक्ष परविंदर अवाना ने संगठन विस्तार और एकजुटता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि किसानों की ताकत उनकी एकता में है और संगठन जितना मजबूत होगा, आवाज उतनी ही प्रभावी होगी। अवाना ने युवाओं और किसानों से अधिक से अधिक संख्या में संगठन से जुड़ने का आह्वान किया और भरोसा दिलाया कि हर समस्या के समाधान के लिए संगठन पूरी मजबूती के साथ खड़ा रहेगा।
किसान नेता सुमित तंवर: युवाओं की आवाज और जमीनी सक्रियता
किसान नेता सुमित तंवर ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए युवाओं और किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाया। वे क्षेत्र में एक ऊर्जावान और जुझारू युवा चेहरे के रूप में उभर रहे हैं, जो लगातार किसानों और बेरोजगार युवाओं के मुद्दों को लेकर संघर्षरत रहते हैं।
तंवर ने कहा कि स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाना और गांवों के विकास के मुद्दों को प्राथमिकता देना संगठन की जिम्मेदारी है। उनकी सक्रियता और लोगों के बीच मजबूत पकड़ उन्हें भविष्य के प्रभावशाली किसान नेताओं की कतार में खड़ा करती है।
“डायल 112” की उपमा से बढ़ा उत्साह
नवल प्रधान ने अपने संबोधन में अशोक भाटी, परविंदर अवाना और सुभाष चौधरी को “डायल 112” की संज्ञा देते हुए कहा कि क्षेत्र में किसी भी समस्या पर ये नेता तुरंत मौके पर पहुंचकर समाधान करते हैं। इस टिप्पणी पर सभा में मौजूद लोगों ने तालियों से समर्थन जताया।
गांव की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
कार्यक्रम में नोएडा प्राधिकरण से जुड़े मुद्दे, आबादी निस्तारण, गांवों के विकास कार्य और मूलभूत सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। किसानों ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
संगठन विस्तार में बड़ी संख्या में सदस्यता
इस दौरान संगठन विस्तार अभियान के तहत बाबा टिकैत में आस्था रखने वाले दर्जनों लोगों को सदस्यता दिलाई गई। अशोक भाटी और परविंदर अवाना ने सभी नए सदस्यों को संगठन की टोपी और माला पहनाकर स्वागत किया।
कार्यक्रम में रविंद्र भगत, सुंदर बाबा, संदीप अवाना, नवल प्रधान, नीतिराज चौधरी, प्रमोद टाइगर, दीपक भाटी, विपिन तंवर, सुमित तंवर, हिमांशु चपराना, नरेश शर्मा, विजेंद्र भड़ाना, कालूराम भाटी, सरफराज खान, आसिफ खान सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामवासी मौजूद रहे।
कुल मिलाकर ककराला की यह संगोष्ठी किसानों के मुद्दों को लेकर एकजुटता, संगठन विस्तार और आने वाले बड़े आंदोलन की चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।।
