गुरुवार, 23 अप्रैल 2026

गौतमबुद्धनगर: साइड न देने के विवाद में फायरिंग: जेवर पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को दबोचा, अवैध तमंचा व कार बरामद!!

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गौतमबुद्धनगर: साइड न देने के विवाद में फायरिंग: जेवर पुलिस ने दो वांछित अभियुक्तों को दबोचा, अवैध तमंचा व कार बरामद!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौतमबुद्धनगर | 23 अप्रैल 2026

दो टूक// ग्रेटर नोएडा,थाना जेवर क्षेत्र में मामूली सड़क विवाद के दौरान हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार, अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।

क्या था पूरा मामला?

बीते 21 अप्रैल 2026 को गांव दस्तमपुर से मिल्क करीमाबाद जाने वाले मार्ग पर स्थित एक सोलर कंपनी के पास हाईवा और स्विफ्ट कार चालकों के बीच साइड देने को लेकर कहासुनी हो गई थी। मामूली विवाद ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया, जहां स्विफ्ट कार सवार दो युवकों ने हाईवा चालक के साथ गाली-गलौज करते हुए अवैध तमंचे से फायरिंग कर दी।

घटना के बाद पीड़ित की तहरीर पर थाना जेवर में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

 पुलिस की त्वरित कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना जेवर पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय खुफिया तंत्र की मदद से 23 अप्रैल को खुर्जा अंडरपास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान—

  • निगम पुत्र ऋषि पाल, निवासी ग्राम थोरा, थाना जेवर
  • मनीष पुत्र धीरेंद्र सिंह, निवासी ग्राम बादशाहपुर पचगई, थाना शिकारपुर, बुलंदशहर

 क्या-क्या हुआ बरामद?

पुलिस ने आरोपियों के पास से—

  • घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार (UP16EE2404)
  • .315 बोर का अवैध तमंचा
  • 01 जिंदा कारतूस व 02 खोखा कारतूस

बरामद किए हैं।

 आपराधिक इतिहास भी खंगाला

जांच में सामने आया कि अभियुक्त मनीष का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है। उसके खिलाफ चोरी, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आयुध अधिनियम समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, निगम के खिलाफ भी इस मामले में संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

 पुलिस का संदेश

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने साफ किया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सड़क पर छोटी-छोटी बातों पर हिंसा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

निष्कर्ष:
एक मामूली सड़क विवाद किस तरह जानलेवा रूप ले सकता है, यह घटना उसका उदाहरण है। हालांकि, जेवर पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने आरोपियों को जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाकर कानून व्यवस्था पर भरोसा कायम किया है।