मंगलवार, 31 मार्च 2026

मऊ : कोषागार में वित्तीय वर्ष का ऐतिहासिक समापन।।||Mau: Historic end to the financial year at the treasury.||

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मऊ : 
कोषागार में वित्तीय वर्ष का ऐतिहासिक समापन।।
डिजिटल भुगतान के माध्यम से विकास को मिली नई गति।।
दो टूक : मऊ: वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम कार्यदिवस पर आज जनपद मऊ के मुख्य कोषागार में विकास कार्यों और जनहित की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन हेतु बजट निस्तारण की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हुई। वरिष्ठ कोषाधिकारी संजय कुमार की देखरेख में कोषागार की पूरी टीम ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया।
वित्तीय समापन के मुख्य आकर्षण और आंकड़े निम्नवत हैं:
ऐतिहासिक भुगतान और डिजिटल ट्रांजैक्शन: वरिष्ठ कोषाधिकारी संजय कुमार ने बताया कि आज 31 मार्च को विभिन्न आहरण-वितरण अधिकारियों (DDOs) द्वारा प्रस्तुत कुल 354 बिलों का गहन परीक्षण कर उन्हें ई-पेमेंट पोर्टल के माध्यम से सीधे संबंधित फर्मों, संस्थाओं और लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दिया गया है।
नगर निकाय (नगर पालिका/पंचायत) का सर्वाधिक योगदान: जनपद के नगरीय विकास और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु नगर पालिका एवं नगर पंचायतों द्वारा संयुक्त रूप से सर्वाधिक ₹16,22,34,000 (सोलह करोड़ बाईस लाख चौंतीस हजार रुपये) का भुगतान सुनिश्चित कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया है। इस धनराशि का उपयोग मुख्य रूप से शहरी विकास परियोजनाओं, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए किया गया है।
कुल वित्तीय निवेश: आज के कार्यदिवस में कुल ₹37.45 करोड़ से अधिक की धनराशि का ऑनलाइन निस्तारण किया जा चुका है। इसमें अवस्थापना विकास, जन-कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा और लंबित विभागीय देयकों को शीर्ष प्राथमिकता दी गई है।
शून्य लंबित देय का लक्ष्य: पोर्टल पर अत्यधिक दबाव के बावजूद कोषागार कर्मियों की मुस्तैदी से प्राप्त सभी वैध बिलों का निस्तारण कर दिया गया है। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कोषागार में देर रात तक कार्य जारी रहेगा ताकि जनपद में किसी भी विभाग का स्वीकृत बजट लैप्स  न हो।
वरिष्ठ कोषाधिकारी संजय कुमार ने कहा:
"शासन के निर्देशानुसार जनपद के विकास हेतु आवंटित बजट का पारदर्शी और समयबद्ध उपयोग हमारी प्राथमिकता है। आज की प्रगति अत्यंत संतोषजनक रही है। 1 अप्रैल से नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।"
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने इस सफल संचालन हेतु कोषागार के समस्त लेखाकारों, कंप्यूटर सहायकों और सहयोगी बैंक अधिकारियों के अथक परिश्रम की सराहना की है।