शनिवार, 7 मार्च 2026

लखनऊ :पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति से महिला अपराधों में आयी कमी।||Lucknow:Police's zero tolerance policy has led to a decrease in crimes against women.||

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लखनऊ :
पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति से महिला अपराधों में आयी कमी।।
दो टूक : लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति से राजधानी में महिला अपराधों में लगभग 20% की कमी, सेफ सिटी CCTV व ITSSO पोर्टल से 24×7 निगरानी, रिकॉर्ड समय में चार्जशीट दाखिल (कुछ मामलों में 24 घंटे), 1425+ मामलों में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट,ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 284 अपराधियों को सजा, जघन्य अपराधियों पर मुठभेड़ व सख्त कार्रवाई,सभी 53 थानों में मिशन शक्ति केंद्र व पिंक बूथ, मिशन शक्ति केंद्रों के लिए समर्पित CUG नंबर,शहर में पिंक पेट्रोलिंग और नियमित गश्त, 3900+ महिला चौपाल के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है यह डाटा लखनऊ पुलिस के द्वारा उपलब्ध कराया गया है।
विस्तार:
उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और मिशन शक्ति 5.0 के तहत लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिस कमिश्नर श्री अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन में विगत एक वर्ष में महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। प्रभावी पुलिसिंग के परिणामस्वरूप महिला संबंधित अपराधों में लगभग 20% की कमी दर्ज की गई तथा त्वरित विवेचना, रिकॉर्ड समय में चार्जशीट और ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत 284 अपराधियों को सजा दिलाई गई।*
साथ ही पिंक पेट्रोलिंग, मिशन शक्ति केंद्र, सेफ सिटी CCTV निगरानी और महिला चौपाल जैसे अभियानों के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, जागरूकता और विश्वास को सुदृढ़ किया गया। लखनऊ पुलिस महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
प्रमुख उपलब्धियों का विस्तृत विवरण निम्नवत है:
*1. अपराध दर में भारी गिरावट*
प्रभावी प्रिवेंटिव पुलिसिंग के कारण लखनऊ में महिला संबंधित अपराधों में विगत वर्ष की तुलना में लगभग 20% की कमी दर्ज की गई है। पुलिस की सक्रिय उपस्थिति और हॉटस्पॉट्स पर निरंतर निगरानी से छेड़खानी और राहजनी की घटनाओं पर अंकुश लगा है।
*2. त्वरित विवेचना एवं रिकॉर्ड समय में चार्जशीट (Fast-track Investigation)*
लखनऊ पुलिस ने देश और प्रदेश के समक्ष त्वरित न्याय का उदाहरण प्रस्तुत किया है, वर्ष 2025 में लखनऊ पुलिस ने महिला अपराधों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का एक नया मानक स्थापित किया। 
*त्वरित चार्जशीट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड*
• 24 घंटे के भीतर चार्जशीट: जुलाई 2025 में मलिहाबाद क्षेत्र (गौरी गली) में एक 7 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए अश्लील कृत्य के मामले में पुलिस 10 घण्टे में अभियुक्त सुचित यादव को गिरफ्तार कर मात्र 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। यह उत्तर प्रदेश के इतिहास में अब तक की सबसे तेज चार्जशीट मानी गई।
• वैज्ञानिक साक्ष्य: त्वरित चार्जशीट के लिए फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट को प्राथमिकता के आधार पर मात्र कुछ घंटों में संकलित किया गया।
• ऑपरेशन कन्विकशन: वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पैरवी करते हुए वर्ष 2025-26 में कुल 284 अपराधियों को महिला संबंधित अपराधों में सजा दिलाई गई, जिनमें 07 अपराधियों को आजीवन कारावास, 10 वर्ष या उससे अधिक की सजा में 82 और 10 वर्ष से कम में 113 अभियुक्तो की सजा एवं अर्थ दण्ड से दण्डित कराया गया।
*3. दुर्दांत अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही (Encounter & Arrests)*
महिलाओं के विरुद्ध जघन्य अपराध करने वाले अपराधियों के मन में कानून का भय पैदा करने हेतु लखनऊ पुलिस ने साहसिक कार्यवाहियां की हैं:
• मुठभेड़ (Encounters): विगत एक वर्ष में महिलाओं के विरुद्ध गंभीर अपराधों में लिप्त 02 इनामी अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया गया।
थाना मलिहाबाद में महिला की हत्या और रेप के प्रयास के आरोपी अजय द्विवेदी (1 लाख का इनामी) को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया गया।
थाना मलिहाबाद क्षेत्र में युवती की नृशंस हत्या करने वाला मुख्य अभियुक्त अजय कुमार पुलिस मुठभेड़ में मारा गया है। 18/19 मार्च 2025 की रात आलमबाग से ई-रिक्शा में युवती को बैठाकर लूटपाट और दुष्कर्म के प्रयास के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में अपराध शाखा, मलिहाबाद और ठाकुरगंज पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई कार्रवाई में 1 लाख रुपये का इनामी वांछित अपराधी अजय कुमार मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया एवं आरोपी दिनेश कुमार को सन्यासी बाग से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त और उसके भाई अजय ने युवती को ऑटो में बैठाया और मलिहाबाद क्षेत्र में ले जाकर उसके साथ बलात्कार का प्रयास किया। असफल होने पर पकड़े जाने के डर से अभियुक्तों ने युवती की पैजामी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
आलमबाग पुलिस मुठभेड़: मासूम से दुष्कर्म का आरोपी दीपक वर्मा को पुलिस मुठभेड़ ढेर।
थाना आलमबाग पुलिस ने 2.5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ जघन्य दुष्कर्म (POCSO एक्ट) के वांछित अभियुक्त दीपक वर्मा उर्फ नन्हू को 24 घंटे के भीतर एक मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। 06 जून 2025 की रात्रि देवीखेड़ा रोड पर घेराबंदी के दौरान अभियुक्त ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की, जिससे एक गोली प्रभारी निरीक्षक की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त घायल हो गया, जिसकी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
अभियुक्त के पास से एक अवैध देशी तमंचा (315 बोर), कारतूस और घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद हुई है। दीपक वर्मा का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह हाल ही में थाना आलमबाग में दर्ज धारा 65(2) BNS व 5m/6 पाक्सो अधिनियम के गंभीर मामले में वांछित था। पुलिस ने इस मुठभेड़ के संबंध में मु.अ.सं. 99/2025 पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही पूर्ण की है।
*04. लखनऊ कमिश्नरेट में 1425 से अधिक मामलों में 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल*
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने महिला सुरक्षा के प्रति अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को चरितार्थ करते हुए वर्ष 2025-26 के दौरान एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रभावी पुलिसिंग और त्वरित न्याय की दिशा में कदम बढ़ाते हुए, पुलिस ने महिला संबंधी अपराधों के 1425 से अधिक गंभीर अभियोगों में मात्र 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर विधिक कार्यवाही की नई मिसाल पेश की है। साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन और विवेचना में अभूतपूर्व तेजी लाकर यह सुनिश्चित किया गया कि अपराधियों को कानून के शिकंजे से बचने का कोई मौका न मिले। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल न्यायिक प्रक्रिया को गति दी है, बल्कि पीड़ित महिलाओं के मन में सुरक्षा के प्रति विश्वास को और भी सुदृढ़ किया है।
*5. मिशन शक्ति 5.0 और संस्थागत सुधार*
• मिशन शक्ति केंद्र: लखनऊ के सभी 53 थानों में समर्पित 'मिशन शक्ति केंद्र' और 'पिंक बूथ' सक्रिय हैं।
• CUG नेटवर्क: लखनऊ उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बना जहाँ हर थाने के मिशन शक्ति केंद्र हेतु समर्पित CUG मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं, जिससे महिलाएं बिना किसी मध्यस्थ के सीधे पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर सकती हैं।
• पिंक पेट्रोलिंग: शहर के प्रमुख चौराहों, कॉलेजों और बाजारों में महिला पुलिसकर्मियों द्वारा पिंक स्कूटर और वाहनों से निरंतर गश्त की जा रही है।
*6. जागरूकता एवं सशक्तिकरण*
• महिला चौपाल: विगत एक वर्ष में 3900 से अधिक गांवों और वार्डों में चौपाल लगाकर महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और हेल्पलाइन नंबरों (1090, 112, 181) के प्रति जागरूक किया गया।
• सेफ सिटी प्रोजेक्ट: लखनऊ के चप्पे-चप्पे पर स्थापित स्मार्ट सिटी CCTV कैमरों को पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़कर 24x7 निगरानी की जा रही है।
*7. महिला सुरक्षा एवं ITSSO पोर्टल के तहत प्रगति* 
लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट द्वारा महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ITSSO (यौन अपराधों की जांच ट्रैकिंग प्रणाली) के माध्यम से यौन अपराधों की विवेचना में प्रभावी कार्यवाही की गई है। बीते एक वर्ष में, आईटीएसएसओ पोर्टल पर दर्ज 160 मामलों की गहन समीक्षा करते हुए बलात्कार और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत निर्धारित 60 दिनों की समय-सीमा के भीतर आरोप-पत्र (Charge sheet) दाखिल करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की गई है। वैज्ञानिक साक्ष्यों के त्वरित संकलन और फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की गई है, जिससे अपराधियों को सजा दिलाने की दर में वृद्धि हुई है और राजधानी में महिलाओं का पुलिस प्रशासन पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।
लखनऊ पुलिस महिलाओं की सुरक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। अपराधियों के विरुद्ध यह अभियान भविष्य में और भी अधिक तीव्रता के साथ जारी रहेगा।