गुरुवार, 19 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: अवैध LPG रिफिलिंग पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, कासना में गैस एजेंसी पर छापा—13 सिलेंडर बरामद, कई पर मुकदमा दर्ज!!

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गौतमबुद्धनगर: अवैध LPG रिफिलिंग पर जिला प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, कासना में गैस एजेंसी पर छापा—13 सिलेंडर बरामद, कई पर मुकदमा दर्ज!!

!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

गौतमबुद्धनगर | 19 मार्च 2026

दो टूक// जनपद गौतमबुद्धनगर में एलपीजी गैस के व्यावसायिक दुरुपयोग, कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित संयुक्त टीमों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

जिला पूर्ति अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि उपजिलाधिकारी/नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में बांट माप विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग तथा विभिन्न ऑयल कंपनियों के अधिकारियों की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों द्वारा जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में विगत दिवस कासना क्षेत्र में स्थित मै० कासना इण्डेन गैस एजेंसी (स्वामी: गोपाल) के गोदाम पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान टीम को मौके पर गंभीर अनियमितताएं मिलीं। गोदाम के अंदर 08 भरे हुए घरेलू सिलेंडर बिना सील के पाए गए, जबकि 10 किलोग्राम का एक घरेलू सिलेंडर आधा भरा हुआ और 04 खाली सिलेंडर भी बरामद किए गए। इस प्रकार कुल 13 सिलेंडरों की बरामदगी हुई।

प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह कार्य द्रवित पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश-2000 के नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस गंभीर लापरवाही और अवैध गतिविधि को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कन्हैया लाल पुत्र मान सिंह (निवासी—ग्राम आसफपुर नंगलिया, तहसील खुर्जा, जिला बुलंदशहर), योगेश, नरेंद्र एवं अन्य संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 सहित अन्य संबंधित धाराओं में थाना बीटा-2 में मुकदमा दर्ज करा दिया है।

प्रशासन का कहना है कि एलपीजी गैस जैसी आवश्यक वस्तु की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे आम उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। ऐसे में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला पूर्ति अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और उपभोक्ताओं को सुरक्षित व निर्धारित नियमों के अनुसार सेवाएं मिल सकें।