गुरुवार, 19 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में वाहन चोर गैंग का भंडाफोड़: सेक्टर-142 पुलिस ने दो शातिर बदमाश दबोचे, चोरी की बाइक व अवैध हथियार बरामद!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में वाहन चोर गैंग का भंडाफोड़: सेक्टर-142 पुलिस ने दो शातिर बदमाश दबोचे, चोरी की बाइक व अवैध हथियार बरामद!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक// नोएडा। थाना सेक्टर-142 पुलिस ने दो-पहिया वाहन चोरी करने वाले शातिर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की एक मोटरसाइकिल और अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय वाहन चोर गिरोह पर प्रभावी प्रहार माना जा रहा है।

ऐसे हुई गिरफ्तारी

दिनांक 19 मार्च 2026 को थाना सेक्टर-142 पुलिस टीम ने लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-140 नोएडा क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान रैकी कर वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों—विशाल तिवारी और फरीद—को गिरफ्तार किया गया।

 बरामदगी में क्या-क्या मिला

पुलिस जांच में अभियुक्तों के कब्जे से:

  • चोरी की मोटरसाइकिल (DL5SCD2327)
  • एक तमंचा .315 बोर व एक जिंदा कारतूस (विशाल तिवारी से)
  • एक अवैध चाकू (फरीद से)

बरामद मोटरसाइकिल दिल्ली के जाफराबाद थाना क्षेत्र में दर्ज मुकदमे से संबंधित पाई गई है।

 अभियुक्तों का विवरण

  • विशाल तिवारी (25 वर्ष) – मूल निवासी बलिया, वर्तमान में चिपयाना, बिसरख में रह रहा था
  • फरीद (21 वर्ष) – मूल निवासी निलोनी, रबुपुरा, वर्तमान में चिपयाना, बिसरख

 आपराधिक इतिहास

जांच में सामने आया है कि मुख्य अभियुक्त विशाल तिवारी पर गाजियाबाद और दिल्ली में वाहन चोरी समेत कई गंभीर धाराओं में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। वहीं फरीद का भी आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है, जिससे दोनों के संगठित तरीके से अपराध करने की पुष्टि होती है।

 दर्ज मुकदमा

इस संबंध में थाना सेक्टर-142 पर मु0अ0सं0 47/2026 के तहत धारा 317(2)/317(5) बीएनएस व 3/4/25 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।

 पुलिस का बयान

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों अभियुक्त लंबे समय से वाहन चोरी की घटनाओं में सक्रिय थे और रैकी कर सुनसान स्थानों से बाइक चोरी कर उन्हें आगे बेच देते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है।

निष्कर्ष:
नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चोरी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही अवैध हथियारों की बरामदगी से संभावित बड़ी आपराधिक घटनाओं को भी टाल दिया गया है।