सोमवार, 9 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: दिव्यांग बच्चों के हाथों से बने उपहारों के साथ फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन ने अनोखे अंदाज में मनाया महिला दिवस!!

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गौतमबुद्धनगर: दिव्यांग बच्चों के हाथों से बने उपहारों के साथ फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन ने अनोखे अंदाज में मनाया महिला दिवस!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक// नोएडा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जहां आमतौर पर मंचीय कार्यक्रम, भाषण और औपचारिक आयोजन देखने को मिलते हैं, वहीं इस बार फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन और विन्सम स्टेप्स ने महिला दिवस को एक अलग और प्रेरणादायक अंदाज में मनाकर समाज के सामने एक मिसाल पेश की।

संस्था की टीम ने इस खास दिन को औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित न रखते हुए पार्कों में जाकर महिलाओं से सीधे संवाद किया और उन्हें सम्मान स्वरूप विशेष रूप से तैयार किया गया हैंड वॉश उपहार में भेंट किया। इस पहल की खास बात यह रही कि यह हैंड वॉश संस्था के दिव्यांग बच्चों द्वारा स्वयं तैयार किया गया था, जिसे उन्होंने टीम के मार्गदर्शन में बड़ी लगन और उत्साह के साथ बनाया।

संस्था के इस प्रयास का उद्देश्य केवल महिलाओं को सम्मान देना ही नहीं था, बल्कि दिव्यांग बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना और समाज में समावेशिता, संवेदनशीलता और सहभागिता का संदेश देना भी था। बच्चों द्वारा तैयार किए गए उपहार को पाकर महिलाओं ने भी खुशी व्यक्त की और बच्चों के इस प्रयास की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान टीम के सदस्यों ने उपस्थित महिलाओं को स्वच्छता के महत्व और हाथ धोने की सही विधि के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी स्वच्छता की आदतें कई बीमारियों से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, इसलिए नियमित रूप से सही तरीके से हाथ धोना बेहद जरूरी है।

इस अवसर पर विन्सम स्टेप्स की निदेशक पूनम मिश्रा, फिजियोथेरेपिस्ट साक्षी भदोलिया, फर्स्ट वन रिहैब फाउंडेशन के निदेशक डॉ. महिपाल सिंह, डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुश्मिता भाटी, विशेष शिक्षिका एलीका रावत, एडमिन हेड कृष्णा यादव और अभिनव सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

आयोजकों ने कहा कि समाज की महिलाएँ अपने संघर्ष, मेहनत और समर्पण से निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। ऐसे में उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना हर समाज की जिम्मेदारी है। साथ ही दिव्यांग बच्चों की भागीदारी से तैयार सामग्री भेंट करना समाज में समानता, सहयोग और प्रेरणा का संदेश देता है।

उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल न केवल महिलाओं को सम्मान देने का माध्यम बनती है, बल्कि बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा और आत्मविश्वास को भी सामने लाने में मदद करती है। संस्था भविष्य में भी ऐसे सामाजिक और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करती रहेगी।।