गौतमबुद्धनगर: नोएडा में सफाई कर्मचारियों के प्रदर्शन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सैकड़ों कर्मियों को हिरासत में लिया; प्राधिकरण पर ‘तानाशाही’ के आरोप!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा। नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ चल रहे सफाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर सोमवार सुबह पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सैकड़ों कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। बताया जा रहा है कि कर्मचारियों को बसों में भरकर विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया, जिनमें बड़ी संख्या में महिला सफाईकर्मी भी शामिल थीं। इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों और उनके समर्थकों में भारी रोष और नाराजगी देखने को मिली।
जानकारी के अनुसार, सफाई कर्मचारी पिछले दो दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे थे। कर्मचारियों का आरोप है कि नोएडा प्राधिकरण द्वारा एक नया आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत सफाई कर्मचारियों से अब केवल सफाई कार्य ही नहीं बल्कि सिविल से जुड़े अन्य कार्य भी कराए जाएंगे। इनमें पार्कों की देखभाल, इमारतों, सड़कों और पुलों से संबंधित काम शामिल बताए जा रहे हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि यह आदेश उनके कार्यक्षेत्र से बाहर है और इसे जबरन लागू किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्राधिकरण के अधिकारियों पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए विशेष रूप से जीएम सिविल और सीईओ कृष्णा करुणेश पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कर्मचारियों की जायज मांगों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
सोमवार सुबह प्रदर्शन स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। इसके बाद पुलिस ने धरना समाप्त कराने के लिए कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें जबरन उठाकर बसों में बैठाया गया और पुलिस की यह कार्रवाई पूरी तरह से लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया और हिरासत में लिए गए कर्मचारियों को जल्द रिहा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि यदि प्राधिकरण ने अपने आदेश को वापस नहीं लिया तो यह आंदोलन नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे प्रदेश में फैल सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर शहर में चर्चा तेज हो गई है और कर्मचारियों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। वहीं पुलिस और प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।।
