गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में अधिवक्ता से मारपीट का आरोप: भाई की तलाश में घर पहुंची पुलिस, वकील को थाने ले जाकर पीटने का आरोप; 4 पुलिसकर्मी सस्पेंड!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// ग्रेटर नोएडा। बिसरख थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता को हिरासत में लेकर कथित रूप से मारपीट करने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और पूरे प्रकरण की विभागीय जांच शुरू करा दी गई है।
जानकारी के अनुसार फेस-2 क्षेत्र निवासी अधिवक्ता फरीद अहमद सूरजपुर स्थित जिला न्यायालय में प्रैक्टिस करते हैं। शनिवार रात वह अपने घर पर परिवार के साथ मौजूद थे। उसी दौरान बिसरख कोतवाली की पुलिस उनके घर पहुंची। बताया जा रहा है कि पुलिस उनके भाई की तलाश में आई थी, जो किसी अन्य मामले में वांछित बताया जा रहा है।
भाई नहीं मिला तो अधिवक्ता को ही ले गई पुलिस
पीड़ित अधिवक्ता का आरोप है कि जब पुलिस को उनका भाई घर पर नहीं मिला तो पुलिसकर्मी उन्हें ही जबरन अपने साथ थाने ले गए। परिवार के लोगों ने इसका विरोध किया, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उनकी एक नहीं सुनी और उन्हें पकड़कर बिसरख कोतवाली ले गए।
पूरी रात थाने में रखने और मारपीट का आरोप
अधिवक्ता फरीद अहमद का आरोप है कि थाने ले जाने के बाद उन्हें पूरी रात अवैध रूप से हिरासत में रखा गया और उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने बताया कि मारपीट के कारण उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान पड़ गए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया और उन्होंने इस मामले को लेकर विरोध जताना शुरू कर दिया।
बार एसोसिएशन के विरोध के बाद पुलिस हरकत में
रविवार को सूरजपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज भाटी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता बिसरख कोतवाली पहुंचे और पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। अधिवक्ताओं ने इसे अवैध हिरासत और कानून के दुरुपयोग का मामला बताते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
विरोध बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिसरख कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक श्रीपाल गिरी, उपनिरीक्षक कृष्ण कुमार सहित दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
एडीसीपी ने दिए जांच के आदेश
सेंट्रल जोन के एडिशनल डीसीपी आर.के. गौतम ने बताया कि अधिवक्ता के भाई के खिलाफ मारपीट के एक मामले में मुकदमा दर्ज है और पुलिस उसकी तलाश में घर पहुंची थी। अधिवक्ता द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी बनी हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
