गुरुवार, 26 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में गुर्जर महासभा की भव्य जन-संगोष्ठी, शिक्षा व सामाजिक सुधार पर जोर!!

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गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा में गुर्जर महासभा की भव्य जन-संगोष्ठी, शिक्षा व सामाजिक सुधार पर जोर!!


!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

ग्रेटर नोएडा | 26 मार्च 2026

दो टूक//ग्रेटर नोएडा स्थित ग्रेटर हाइट्स पब्लिक स्कूल में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा द्वारा समाज उत्थान के उद्देश्य से एक भव्य जन-संगोष्ठी एवं स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जगबीर नागर ने किया, जिसमें समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग शामिल हुए।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी, के.पी. सिंह कसाना, जयप्रकाश विकल, राष्ट्रीय सचिव धीरेंद्र वर्मा, रामकेश चपराना, पंकज रोशा, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष सुनील भाटी, गौतम बुद्ध नगर जिला अध्यक्ष अशोक भाटी, नमित भाटी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने सहभागिता की।

इस दौरान ग्रामवासियों ने महासभा के नवनियुक्त पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया। डीजे, ढोल-नगाड़ों और घोड़े के नृत्य के साथ निकाली गई पदयात्रा ने पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना दिया। अतिथियों को सम्मान स्वरूप पगड़ी पहनाकर, पुष्पमालाएं और पुष्पगुच्छ भेंट किए गए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रकाश प्रधान ने की, जबकि संचालन का दायित्व जितेंद्र नागर ने कुशलतापूर्वक निभाया।

इतिहास और शिक्षा पर दिया गया विशेष जोर

अपने संबोधन में राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने गुर्जर समाज के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी में गुर्जर महापुरुषों का योगदान अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने गुर्जर प्रतिहार वंश का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके शासनकाल में बाहरी आक्रमणों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सविंदर भाटी ने समाज की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुर्जर समाज ने हमेशा वीरता का परिचय दिया, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पाई। उन्होंने महासभा द्वारा घर-घर शिक्षा पहुंचाने और युवाओं को शिक्षित करने के संकल्प को दोहराया।

अशोक भाटी का सशक्त संदेश: सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण पर जोर

गौतम बुद्ध नगर के जिला अध्यक्ष अशोक भाटी ने अपने प्रभावशाली संबोधन में समाज को नई दिशा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में मातृशक्ति हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है और समाज को इस बदलाव को स्वीकारते हुए महिलाओं को और अधिक अवसर प्रदान करने चाहिए।

अशोक भाटी ने विवाह में बढ़ती फिजूलखर्ची और दहेज जैसी कुरीतियों पर चिंता जताते हुए कहा कि इन सामाजिक बुराइयों को खत्म करना समय की मांग है। उन्होंने समाज से सादगीपूर्ण विवाह को अपनाने और शिक्षा व विकास पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उनके विचारों को उपस्थित जनसमूह ने जोरदार समर्थन दिया।

रूपचंद मुनीम जी: सामाजिक एकता और सेवा के प्रतीक

कार्यक्रम में रूपचंद मुनीम जी की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्हें समाज में उनकी सादगी, ईमानदारी और सेवा भाव के लिए जाना जाता है। उन्होंने हमेशा समाज को जोड़ने और जरूरतमंदों की मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रूपचंद मुनीम जी का मानना है कि समाज की असली ताकत उसकी एकता और पारस्परिक सहयोग में निहित है। उनके विचार और कार्यशैली नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

बलबीर प्रधान: जमीनी नेतृत्व और समाज के प्रति समर्पण

बलबीर प्रधान को क्षेत्र में एक मजबूत और जमीनी नेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने हमेशा समाज के हितों को प्राथमिकता देते हुए कार्य किया है। ग्रामीण स्तर पर उनकी पकड़ और लोगों के बीच उनकी लोकप्रियता उन्हें एक प्रभावशाली व्यक्तित्व बनाती है।

कार्यक्रम में उनकी सक्रिय भागीदारी और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता साफ तौर पर देखने को मिली। उन्होंने समाज को संगठित रखने और विकास की दिशा में आगे बढ़ाने पर जोर दिया।

युवा, राजनीति और शिक्षा पर सामूहिक संकल्प

कार्यक्रम में सभी वक्ताओं ने एक स्वर में समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने, युवाओं को संगठित करने और जन-जागरण अभियान को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। महासभा द्वारा लाइब्रेरी और छात्रावास निर्माण का संकल्प भी लिया गया, जिससे आने वाली पीढ़ियों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं मिल सकें।

इस अवसर पर मनवीर नागर, जगबीर दौला, सुभाष भाटी, जलकेश बाबूजी, चरणसिंह भाटी, विपिन तंवर, सिंहराज गुर्जर, संजय फौजी, मुकेश नागर, रघुवर प्रधान, भूपसिंह पहलवान, राजेश दरोगा, नरेंद्र मैनेजर, शशांक भाटी, योगेश भाटी, आनंद भाटी, अरुण नागर सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने न केवल समाज को एकजुट करने का संदेश दिया, बल्कि शिक्षा, सामाजिक सुधार और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में एक नई ऊर्जा भी प्रदान की।।