गौतमबुद्धनगर: महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने दादरी के डाढा आंगनबाड़ी केंद्र का किया निरीक्षण, गोद भराई-अन्नप्राशन कार्यक्रम में लाभार्थियों को दिया आशीर्वाद!!
महिलाओं को साइबर अपराध से सतर्क रहने की दी सलाह, जिला कारागार पहुंचकर महिला बंदियों से भी की मुलाकात
गौतमबुद्धनगर, 06 मार्च 2026।
दो टूक// उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने शुक्रवार को गौतमबुद्धनगर जनपद का दौरा करते हुए दादरी क्षेत्र स्थित आंगनबाड़ी केंद्र डाढा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर आयोजित गोद भराई, अन्नप्राशन, कन्या जन्मोत्सव तथा किट वितरण कार्यक्रम में भाग लेकर लाभार्थी महिलाओं और बच्चों को आशीर्वाद प्रदान किया तथा सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने महिलाओं को संबोधित करते हुए उन्हें साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराध की घटनाओं से बचाव के लिए महिलाओं को सतर्क रहना बेहद आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं को मोबाइल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी दनकौर संध्या सोनी, मुख्य सेविका ममता, पूनम रावत, ललिता सहित आंगनवाड़ी सहायिकाएं और कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाओं ने भी भाग लिया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण तथा महिला सशक्तिकरण से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया।
निरीक्षण के दौरान अपर्णा यादव ने आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं और वहां संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्यों की सराहना की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक इनका लाभ पहुंच सके।
इसके बाद उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने जिला कारागार गौतमबुद्धनगर का भी दौरा किया, जहां उन्होंने महिला बंदी गृह में पहुंचकर बंदी महिलाओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बंदियों को कारागार में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली और उनके मामलों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने अच्छे आचरण वाली महिला बंदियों की सजा में रियायत दिलाने के लिए शासन स्तर पर पत्राचार करने का आश्वासन दिया।
कारागार में बंदियों के कौशल विकास के लिए संचालित कार्यशालाओं का निरीक्षण करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं को संतोषजनक पाया और बंदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदियों के पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस दौरान जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।।
