गौतमबुद्धनगर: नोएडा इंजीनियर युवराज मेहता मौत मामला: कार्रवाई तेज, सिस्टम की जवाबदेही पर हाईकोर्ट सख्त — योगी सरकार के कामकाज पर उठा भरोसा!!
!! वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
प्रयागराज/नोएडा
दो टूक// नोएडा के इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में जहां एक ओर गहरा दुख और संवेदना का माहौल है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर एक स्पष्ट बदलाव भी देखने को मिल रहा है।
मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, पुलिस और नोएडा प्रशासन से विस्तृत सुझाव व कार्ययोजना तलब की है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि किसी हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचने में एजेंसियों को कितना समय लगता है और इस प्रक्रिया को कैसे और तेज किया जा सकता है।
इस पूरे प्रकरण में एक अहम पहलू यह भी सामने आया है कि अब सिस्टम जिम्मेदारी से बच नहीं पा रहा। जहां पहले ऐसे हादसों को दबा दिए जाने के आरोप लगते थे, वहीं अब हर जिम्मेदार अधिकारी कटघरे में खड़ा नजर आ रहा है। इसे योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रशासनिक दृष्टिकोण में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी से लेकर पुलिस तक कई जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। जूनियर इंजीनियर से लेकर डीजीएम स्तर तक के अधिकारियों को हटाया गया है और मामले की जांच लगातार जारी है। प्रशासन का स्पष्ट संकेत है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विशेष बात यह भी है कि यदि यह केवल सिस्टम की विफलता होती, तो पीड़ित परिवार का सरकार पर भरोसा नजर नहीं आता। लेकिन इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से सरकार के कामकाज को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है, जो यह दर्शाती है कि कार्रवाई केवल औपचारिक नहीं, बल्कि प्रभावी भी है।
हाईकोर्ट ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने सुझाव और सुधारात्मक प्रस्ताव पेश करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। मामले की अगली सुनवाई 1 अप्रैल को निर्धारित है, जहां इस दिशा में उठाए गए कदमों की समीक्षा की जाएगी।
यह मामला अब केवल एक हादसे की जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रदेश में प्रशासनिक जवाबदेही, पारदर्शिता और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली की मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कसौटी बनता जा रहा है।।
