गौतमबुद्धनगर:“डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर साइबर ठगी का भंडाफोड़: दो शातिर गिरफ्तार, खातों से करोड़ों का लेन-देन उजागर!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// गौतमबुद्धनगर। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर लोगों को डराकर ठगी करने वाले दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
पीड़ित द्वारा साइबर क्राइम थाने में दी गई शिकायत के अनुसार, 13 मार्च 2026 को अज्ञात कॉलर्स ने खुद को TRAI अधिकारी बताकर संपर्क किया। उन्होंने पीड़ित को यह कहकर डराया कि उसके मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो भेजे गए हैं, जिसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच और CBI द्वारा की जा रही है।
अभियुक्तों ने “डिजिटल अरेस्ट” का भय दिखाकर जांच के नाम पर पीड़ित से धोखाधड़ी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर विशेष टीम गठित की।
पुलिस की कार्रवाई
19 मार्च 2026 को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सेक्टर-63 क्षेत्र से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया—
- रिषभ तिवारी (21 वर्ष), निवासी अमेठी
- कुवंर शुक्ला (20 वर्ष), निवासी अमेठी
दोनों के कब्जे से 02 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनका उपयोग ठगी में किया जा रहा था।
ठगी का बड़ा नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि आरोपी सीधे ठगी नहीं करते थे, बल्कि साइबर ठगों को अपने बैंक खाते उपलब्ध कराते थे।
- इनके खातों में अब तक 10.95 लाख रुपये प्राप्त हुए
- देशभर के 6 राज्यों (उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, बिहार, जम्मू-कश्मीर) से शिकायतें दर्ज
- कुल मिलाकर करीब 4.17 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का खुलासा
यह गिरोह संगठित तरीके से साइबर अपराधियों की मदद कर रहा था, जिससे बड़े स्तर पर ठगी को अंजाम दिया जा रहा था।
दर्ज धाराएं
अभियुक्तों के खिलाफ थाना साइबर क्राइम, गौतमबुद्धनगर में
मु0अ0सं0 28/2026 के तहत धारा 308(2), 318(4), 319(2) BNS एवं 66D IT Act में मुकदमा दर्ज किया गया है।
साइबर जागरूकता: पुलिस की अपील
- किसी भी साइबर ठगी पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें
- “डिजिटल अरेस्ट” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती
- कोई भी एजेंसी (CBI, पुलिस, ED) फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती
- डराने-धमकाने वाले कॉल्स से सावधान रहें, तुरंत पुलिस को सूचना दें
निष्कर्ष:
गौतमबुद्धनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क की परतें खोल दी हैं। “डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए तरीकों से लोगों को डराकर ठगी करने वाले गिरोहों से सतर्क रहना बेहद जरूरी है।।
