अम्बेडकर नगर :
महिलाओं की सफलता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती : आनंद शुक्ला।
।।ए के चतुर्वेदी।।
दो टूक : अंबेडकरनगर जनपद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं से जिले की ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसी क्रम में ग्राम सिकरोहर निवासी गुंजन देवी ने बेकरी व्यवसाय शुरू कर न केवल अपने परिवार को आर्थिक मजबूती दी है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई हैंगुंजन देवी तुलसी महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं, जो गगन महिला ग्राम संगठन तथा संस्कृति प्रेरणा महिला संकुल समिति (सीएलएफ) के अंतर्गत कार्य करता है। कोविड-19 महामारी के दौरान जब उनके पति की नौकरी चली गई और परिवार आर्थिक संकट में फंस गया, तब उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का निर्णय लिया।इसी दौरान उन्हें राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित स्टार्ट-अप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (एसवीईपी) के बारे में जानकारी मिली। बीआरसी में सीआरपी-ईपी के रूप में कार्यरत सरिता देवी के मार्गदर्शन में गुंजन को 40 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिसे उन्होंने 20 हजार रुपये से पूरा किया। इसके साथ ही अपनी व्यक्तिगत बचत से एक लाख रुपये लगाकर दिसंबर 2022 में बेकरी उद्यम की शुरुआत की।
शुरुआत में चुनौतियां जरूर आईं, लेकिन पति के सहयोग और अपनी मेहनत से गुंजन ने कच्चे माल की खरीद, उत्पाद निर्माण और विपणन की बारीकियां सीख लीं। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों के साथ संपर्क बनाकर अपने उत्पादों की आपूर्ति शुरू की, जिससे धीरे-धीरे उनका ग्राहक आधार मजबूत होता गया।गुंजन देवी का मासिक कारोबार लगभग 1.50 लाख से 1.80 लाख रुपये के बीच पहुंच गया है, जिसमें से उन्हें 15 से 20 हजार रुपये तक का मासिक लाभ प्राप्त हो रहा है। उन्होंने एसवीईपी के माध्यम से लिया गया लगभग 80 प्रतिशत ऋण भी चुका दिया है। हाल ही में उनके इस उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित भी किया गया है।गुंजन देवी का कहना है कि आने वाले समय में वह अपने बेकरी व्यवसाय का विस्तार करना चाहती हैं, ताकि बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके और एक-दो अन्य लोगों को भी रोजगार का अवसर मिल सके।इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी आनंद शुक्ला ने कहा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और एसवीईपी जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। गुंजन देवी की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही मार्गदर्शन और थोड़ी सी आर्थिक सहायता मिलने पर महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार और समाज दोनों को आगे बढ़ा सकती हैं।
