गुरुवार, 19 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफनाक खेल: नकली कोर्ट दिखाकर महिला से 8.52 लाख की ठगी, नोएडा में साइबर गैंग का बड़ा कांड!!

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गौतमबुद्धनगर: ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफनाक खेल: नकली कोर्ट दिखाकर महिला से 8.52 लाख की ठगी, नोएडा में साइबर गैंग का बड़ा कांड!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक// नोएडा। साइबर ठग अब अपराध के ऐसे नए-नए तरीके अपना रहे हैं, जिनसे आम लोग आसानी से उनके जाल में फंस जाते हैं। ताजा मामला नोएडा के सेक्टर-34 का है, जहां एक महिला को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर साइबर अपराधियों ने 8.52 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी और वीडियो कॉल पर नकली कोर्ट दिखाकर महिला का भरोसा जीत लिया।

पीड़िता के मुताबिक, 12 फरवरी को उसके पास एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ‘गौतम’ नाम का अधिकारी बताते हुए कहा कि उसके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है। इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल किया, जिसमें बैकग्राउंड में कोर्ट जैसा माहौल तैयार किया गया था। महिला को यह विश्वास दिलाया गया कि मामला पूरी तरह असली है और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। लगातार दबाव और डर के माहौल में महिला मानसिक रूप से टूट गई।

ठगों ने महिला से कहा कि जांच प्रक्रिया के तहत उसके बैंक खातों की जांच करनी होगी और इसके लिए रकम को एक “सुरक्षित खाते” में ट्रांसफर करना जरूरी है। भरोसा दिलाया गया कि जांच पूरी होते ही पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। डर और घबराहट में महिला ने 13 फरवरी को अलग-अलग खातों में कुल 8.52 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।

कुछ समय बाद जब महिला ने अपने पैसे वापस मांगने के लिए संपर्क किया, तो ठगों ने कॉल उठाना बंद कर दिया और पूरी तरह गायब हो गए। तब जाकर महिला को ठगी का एहसास हुआ।

इसके बाद पीड़िता ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे, और आरोपियों की तलाश में जुटी है।

पुलिस की अपील:
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा है कि कोई भी सरकारी एजेंसी या पुलिस अधिकारी फोन या वीडियो कॉल पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहता। ऐसे किसी भी कॉल पर तुरंत संदेह करें और संबंधित विभाग से पुष्टि करें। जागरूकता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।।