शुक्रवार, 13 मार्च 2026

उत्तर प्रदेश: पहली बार मां बनने वाली गरीब महिलाओं को सरकार का सहारा, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मिल रहे ₹6000 !!

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उत्तर प्रदेश: पहली बार मां बनने वाली गरीब महिलाओं को सरकार का सहारा, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में मिल रहे ₹6000 !!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
प्रदेश में लाखों महिलाओं को मिला लाभ, गर्भवती मजदूर महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य के लिए चल रही महत्वपूर्ण योजना

लखनऊ, 13 मार्च 2026।
दो टूक// प्रदेश सरकार द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भधारण करने वाली गरीब और मजदूर परिवार की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित करना और कुपोषण की समस्या को कम करना है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार देश में बड़ी संख्या में महिलाएं कुपोषण की समस्या से जूझ रही हैं। कुपोषित माताओं से जन्म लेने वाले बच्चों का वजन सामान्य से कम होता है और कई बार कुपोषण की समस्या गर्भावस्था से ही शुरू होकर लंबे समय तक बनी रहती है। यही कारण है कि गर्भवती महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

ग्रामीण और गरीब परिवारों में अक्सर आर्थिक तंगी के कारण महिलाएं गर्भावस्था के अंतिम दिनों तक मजदूरी करने को मजबूर रहती हैं। कई बार वे प्रसव के तुरंत बाद भी काम करना शुरू कर देती हैं, जबकि उस समय उनके शरीर को आराम और बेहतर पोषण की आवश्यकता होती है। ऐसी स्थिति में मां और शिशु दोनों का स्वास्थ्य प्रभावित होता है और कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 1 जनवरी 2017 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के अंतर्गत पहली बार गर्भधारण करने वाली गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के लिए प्रोत्साहन स्वरूप आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।

योजना के तहत पात्र लाभार्थी महिलाओं को कुल ₹6000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें से ₹5000 तीन किश्तों में सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजे जाते हैं, जबकि ₹1000 की अतिरिक्त राशि जननी सुरक्षा योजना के तहत संस्थागत प्रसव के बाद निर्धारित मानकों के अनुसार प्रदान की जाती है। इस सहायता का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को उचित पोषण, स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित प्रसव के लिए प्रेरित करना है।

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। प्रदेश में योजना शुरू होने के बाद से स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लाखों महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है।

बताया गया कि 29 मार्च 2024 से इस योजना का संचालन महिला कल्याण तथा बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस अवधि के दौरान ही प्रदेश में 5.65 लाख से अधिक पात्र गर्भवती महिलाएं योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं।

सरकार का मानना है कि इस योजना के माध्यम से न केवल माताओं के स्वास्थ्य में सुधार होगा, बल्कि नवजात शिशुओं के पोषण स्तर को भी बेहतर बनाया जा सकेगा। इससे आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण मदद मिलेगी।।