गौतमबुद्धनगर: नोएडा प्राधिकरण का बड़ा फैसला: 4800 आउटसोर्स कर्मचारियों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक का मेडिकल इंश्योरेंस!!
नोएडा, 12 मार्च 2026।
दो टूक// नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अपने यहां कार्यरत श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के माध्यम से काम करने वाले कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी द्वारा लगभग 4800 आउटसोर्स कर्मचारियों को मेडिकल इंश्योरेंस सुविधा प्रदान करने के लिए एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को अनुमोदन प्रदान कर दिया गया है।
यह निर्णय कर्मचारियों के स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे अब उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। प्राधिकरण के इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
प्राधिकरण की 215वीं बोर्ड बैठक (26 अक्टूबर 2024) में संचालक मंडल द्वारा श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी। उसी के क्रम में अब इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
इस योजना के तहत कर्मचारियों के साथ-साथ उनके अधिकतम पांच आश्रित सदस्यों को भी स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। योजना के अंतर्गत प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक (वार्षिक सीमा) चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के माध्यम से प्रति कर्मचारी 10 हजार रुपये वार्षिक प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा।
दरअसल, नोएडा प्राधिकरण में श्रमशक्ति आपूर्तिकर्ता एजेंसियों के माध्यम से लगभग 4800 कर्मचारी विभिन्न विभागों में कार्यरत हैं। पहले इनमें से कई कर्मचारी ईएसआई चिकित्सा सुविधा के अंतर्गत आते थे, लेकिन ईएसआई विभाग द्वारा निर्धारित 21 हजार रुपये की वेतन सीमा से अधिक आय होने के कारण अधिकांश कर्मचारी इस सुविधा से बाहर हो गए थे। इसके बाद कर्मचारियों द्वारा लगातार चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई जा रही थी।
इसी को देखते हुए प्राधिकरण ने कर्मचारियों को मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न बीमा कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए। बैठक में एसबीआई जनरल इंश्योरेंस, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक और बजाज आलियांज सहित कई कंपनियों ने प्रस्तुतीकरण दिया। सभी प्रस्तावों का अध्ययन करने के बाद प्राधिकरण द्वारा एक नीति बनाकर एसबीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी का चयन किया गया।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार इस योजना के तहत बीमा पॉलिसी के पहले दिन से ही कर्मचारियों को उपचार की सुविधा उपलब्ध होगी। योजना में गंभीर बीमारियों के इलाज को भी शामिल किया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर कर्मचारी बड़े अस्पतालों में भी उपचार करा सकेंगे।
इस बीमा योजना के अंतर्गत नोएडा और दिल्ली के अधिकांश प्रमुख अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिससे कर्मचारियों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
प्राधिकरण का मानना है कि इस योजना के लागू होने से आउटसोर्स कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी और उन्हें स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थितियों में बेहतर सहारा मिल सकेगा। साथ ही यह निर्णय कर्मचारियों के मनोबल और कार्य क्षमता को भी बढ़ाने में सहायक साबित होगा।।
