गौतमबुद्धनगर: राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के विरोध में नोएडा में किसानों का उबाल, सेक्टर-39 थाने का घेराव कर दी चेतावनी!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// गौतमबुद्धनगर/नोएडा। उड़ीसा के भुवनेश्वर में किसानों की आवाज उठाने पहुंचे किसान नेता चौधरी राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के विरोध में सोमवार को गौतमबुद्धनगर में किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। सेक्टर 39 थाना पर बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए थाने का घेराव किया।
इस प्रदर्शन का नेतृत्व अशोक भाटी ने किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की इस तरह गिरफ्तारी लोकतंत्र पर सीधा हमला है और यह किसान आंदोलन की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चौधरी राकेश टिकैत को तत्काल रिहा नहीं किया गया, तो लखनऊ से लेकर दिल्ली तक और देश के कोने-कोने में व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
अशोक भाटी ने अपने संबोधन में कहा कि किसान हमेशा देश की रीढ़ रहा है और उसकी आवाज को दबाने का कोई भी प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह कार्रवाई किसानों के सम्मान के खिलाफ है। भाटी ने जोर देकर कहा कि भाकियू किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मौके पर एसीपी प्रथम प्रवीण सिंह, थाना अध्यक्ष धर्म प्रकाश शुक्ला सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली, हालांकि स्थिति को नियंत्रण में रखा गया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने “जय जवान जय किसान” के जोरदार नारे लगाए और वहीं धरने पर बैठकर पंचायत शुरू कर दी। पंचायत की अध्यक्षता झलकेस बाबूजी ने की, जबकि संचालन चरन सिंह भाटी द्वारा किया गया।
इस मौके पर सुभाष चौधरी ने कहा कि जब तक राकेश टिकैत की रिहाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे किसान समुदाय के सम्मान की है।
वहीं परविंदर अवाना ने कहा कि किसानों को डराने-धमकाने की कोशिशें कभी सफल नहीं होंगी और भाकियू हर अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ी रहेगी। सचिन अवाना ने भी कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि संगठन किसानों के हितों की रक्षा के लिए एकजुट है।
प्रदर्शन में श्रीपाल कसाना, रविंद्र भगत, सुंदर बाबा, सिंहराज गुर्जर, विपिन तंवर, संदीप अवाना, सचिन अवाना, अजय अवाना, नवल प्रधान, अनिल अवाना, शैलेश बेसोया, संजय अंबावता, रामबीर हवालदार, गोपाल अवाना, नितिराज सिंह, लीलू राम, धीरेश नम्बरदार, नरेश शर्मा, सरफराज खान, आशिफ खान सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
किसानों ने साफ तौर पर कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा और यह संघर्ष आने वाले दिनों में और तेज होगा।।
