शुक्रवार, 13 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: आरटीई के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में मिलेगा मौका, डीएम ने दिए 31 मार्च तक शत-प्रतिशत प्रवेश के निर्देश!!

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गौतमबुद्धनगर: आरटीई के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में मिलेगा मौका, डीएम ने दिए 31 मार्च तक शत-प्रतिशत प्रवेश के निर्देश!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

लक्ष्य पूरा करने वाले विद्यालय होंगे सम्मानित, प्रवेश में लापरवाही करने पर मान्यता तक रद्द हो सकती है

गौतमबुद्धनगर, 13 मार्च 2026।
दो टूक// जनपद में आर्थिक रूप से कमजोर और अलाभित वर्ग के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लागू निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत प्रवेश प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निजी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के तहत निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों में अलाभित समूह और दुर्बल वर्ग के बच्चों को कक्षा-1 अथवा पूर्व प्राथमिक कक्षाओं में दिए जाने वाले प्रवेश की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जनपद में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 31 मार्च 2026 तक शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए।

बैठक के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने जानकारी दी कि आरटीई अधिनियम के तहत पात्र बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश दिलाने की पूरी प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित की जा रही है। इसमें अभिभावकों द्वारा ऑनलाइन आवेदन, आवेदन पत्रों का सत्यापन और इसके बाद लॉटरी प्रणाली के माध्यम से विद्यालयों का आवंटन किया जाता है।

उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत चयनित बच्चों को निजी विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इसके साथ ही सरकार द्वारा बच्चों को पाठ्य सामग्री और वर्दी खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी दी जाती है, ताकि किसी भी गरीब परिवार के बच्चे की शिक्षा आर्थिक कारणों से प्रभावित न हो।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी निजी विद्यालयों को निर्देशित किया कि शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई चयनित बच्चों की सूची के आधार पर प्राथमिकता के साथ प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि प्रवेश के दौरान अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और विद्यालय प्रबंधन उनके साथ सहयोगात्मक एवं सौहार्दपूर्ण व्यवहार करे।

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे, इसके लिए सभी विद्यालयों द्वारा किए गए प्रवेश की जानकारी शिक्षा विभाग के पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट की जाए, जिससे प्रशासन द्वारा प्रभावी निगरानी की जा सके।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो विद्यालय निर्धारित लक्ष्य के अनुसार शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित करेंगे, उन्हें जिला प्रशासन की ओर से सम्मानित किया जाएगा। वहीं जो विद्यालय प्रवेश देने में आनाकानी करेंगे या समयावधि में प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध नोटिस जारी कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर ऐसे विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने तक की कार्रवाई भी की जा सकती है।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार सहित जनपद के निजी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।।