गौतमबुद्धनगर: नोएडा में 24 घंटे का ब्लैकआउट: 10 हजार से ज्यादा घर अंधेरे में, अस्पताल से लेकर छात्रों तक सब प्रभावित!!
दो टूक// नोएडा जैसे हाईटेक शहर में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए जब शहर के कई सेक्टरों में लगभग 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। शनिवार दोपहर से शुरू हुआ यह बिजली संकट रविवार दोपहर करीब 2 बजे के बाद ही धीरे-धीरे सामान्य हो सका।
इस लंबे ब्लैकआउट का असर करीब 10 हजार से अधिक घरों पर पड़ा, जहां लोग भीषण असुविधाओं का सामना करने को मजबूर रहे। गर्मी और दैनिक जरूरतों के बीच बिजली गुल होने से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
बताया जा रहा है कि शहर में लगाए गए लगभग 70 हजार प्रीपेड मीटरों के बावजूद इतनी बड़ी बिजली बाधा ने सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली न होने से सिर्फ घरों तक ही समस्या सीमित नहीं रही, बल्कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई निजी क्लीनिक और छोटे अस्पताल बैकअप व्यवस्था पर निर्भर रहे।
बिजली संकट का सीधा असर छात्रों पर भी देखने को मिला। बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे बच्चों की पढ़ाई बाधित हुई, जिससे अभिभावकों में चिंता का माहौल रहा।
स्थिति और गंभीर तब हो गई जब कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो गई, क्योंकि पानी की सप्लाई बिजली आधारित मोटरों पर निर्भर थी।
इस दौरान विद्युत विभाग के कंट्रोल रूम में 100 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिससे यह साफ हो गया कि समस्या व्यापक स्तर पर फैली हुई थी।
हालांकि विभाग की ओर से मरम्मत कार्य के बाद रविवार दोपहर 2 बजे के बाद बिजली आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल की गई, लेकिन तब तक लोगों में भारी नाराजगी देखी गई।
स्थानीय निवासियों ने विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश जताते हुए सवाल उठाए कि जब नोएडा को देश का आधुनिक और विकसित शहर कहा जाता है, तो ऐसी बुनियादी समस्याएं क्यों सामने आती हैं।
यह घटना न केवल तकनीकी व्यवस्थाओं की पोल खोलती है, बल्कि शहर की आपातकालीन तैयारी और सेवा प्रबंधन पर भी गंभीर चिंतन की जरूरत को दर्शाती है।।
