गौतमबुद्धनगर: नोएडा का 9000 करोड़ का मेगा बजट तैयार: अधूरी परियोजनाओं, ग्रामीण विकास और न्यू नोएडा पर रहेगा फोकस!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// नोएडा प्राधिकरण वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 9000 करोड़ रुपये का महत्त्वाकांक्षी बजट तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इस प्रस्तावित बजट में शहर के समग्र विकास, अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने, नई योजनाओं को गति देने और विशेष रूप से न्यू नोएडा के भूमि अधिग्रहण पर प्रमुख ध्यान केंद्रित किया गया है। बोर्ड बैठक से पहले सभी विभागों से विस्तृत प्रस्ताव मांगे गए हैं, ताकि समीक्षा के बाद अंतिम रूप दिया जा सके।
विकास और अनुरक्षण पर बड़ा निवेश
प्रस्तावित बजट के तहत सिविल कंस्ट्रक्शन से जुड़े विकास कार्यों के लिए लगभग 2200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इसमें सड़कों, ड्रेनेज, शहरी ढांचे और अन्य आधारभूत परियोजनाओं को पूरा करने पर जोर रहेगा। वहीं शहर के बढ़ते विस्तार को देखते हुए अनुरक्षण (मेंटीनेंस) कार्यों के लिए करीब 2400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा सकता है, जिससे मौजूदा सुविधाओं को बेहतर बनाए रखा जा सके।
न्यू नोएडा बनेगा बजट का केंद्र
इस बार न्यू नोएडा को विकास की दृष्टि से बजट का प्रमुख केंद्र माना जा रहा है। भूमि अधिग्रहण के लिए किसानों को दी जाने वाली मुआवजा दर लगभग तय हो चुकी है और शासन की अंतिम मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। अनुमान है कि बजट का बड़ा हिस्सा इसी दिशा में खर्च किया जाएगा।
साथ ही, नई कमर्शियल, इंस्टीट्यूशनल और आईटी सेक्टर की योजनाओं के माध्यम से प्राधिकरण अपने राजस्व स्रोतों को मजबूत करने की तैयारी में है। इन नई स्कीमों से आने वाले समय में आर्थिक संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों को भी मिलेगा विकास का लाभ
नोएडा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले 81 गांवों के बुनियादी विकास के लिए इस बार लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इसमें सड़क, नाली, पेयजल, पार्क और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार शामिल रहेगा। पिछले वित्तीय वर्ष में ग्रामीण विकास के लिए 224 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित था, जिसे इस बार बढ़ाने का प्रस्ताव है।
जल विभाग और नीतिगत फैसलों पर भी होगी समीक्षा
आगामी समीक्षा बैठक में जल विभाग के राजस्व लक्ष्य का भी विश्लेषण किया जाएगा। पिछले वर्षों की तुलना में जल राजस्व में वृद्धि को देखते हुए इस बार लक्ष्य को संतुलित तरीके से बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
इसके अलावा यूनिफाइड पॉलिसी, भूखंड आवंटन, लीज डीड, निरस्तीकरण, कब्जा, अतिक्रमण मुक्त भूमि और बिल्डरों द्वारा 25 प्रतिशत बकाया जमा करने की स्थिति जैसे अहम विषयों पर भी चर्चा प्रस्तावित है। साथ ही, भूमि अधिग्रहण से जुड़े किसानों के लिए मुआवजा दर तय करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल किया जा सकता है।
समीक्षा बैठक से पहले व्यापक तैयारी
बोर्ड बैठक से पहले होने वाली समीक्षा में पिछले वित्तीय वर्ष के बजट, व्यय और आय का आकलन किया जाएगा। इसके साथ ही विकास से जुड़े लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाएगी, जिससे आने वाले वित्तीय वर्ष के लिए योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
कुल मिलाकर, प्रस्तावित बजट नोएडा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, ग्रामीण और शहरी विकास के संतुलन को साधने तथा भविष्य के विस्तार विशेषकर न्यू नोएडा को गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।।
