गौतमबुद्धनगर: फर्जी फर्मों के जरिए 1.74 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा, गिरोह का वांछित आरोपी गिरफ्तार!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक// नोएडा।
नोएडा पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। सीआरटी और थाना सेक्टर-58 पुलिस की संयुक्त टीम ने फर्जी फर्म बनाकर करीब 1 करोड़ 74 लाख 11 हजार 987 रुपये की जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह के एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसे विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय के समक्ष पेश किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 14 मार्च 2026 को सीआरटी और थाना सेक्टर-58 नोएडा पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी अमित कुमार पुत्र कल्याण सिंह को पूछताछ के लिए थाना सेक्टर-58 लाया था। पूछताछ के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे थाना परिसर से ही गिरफ्तार कर लिया गया।
फर्जी फर्म बनाकर किया करोड़ों का जीएसटी घोटाला
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मैसर्स के.एस. इंटरप्राइजेज के नाम से 29 जुलाई 2024 को जीएसटी पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया। इसके बाद आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर आलम इंटरप्राइजेज, के.एस. इंटरप्राइजेज, सीपी ट्रेडर्स और ट्रेडियोग्राफी के नाम से कई फर्जी फर्में तैयार कर लीं।
इन फर्जी फर्मों के जरिए वर्ष 2024-25 में बिना किसी वास्तविक खरीद-फरोख्त के लगभग 1.74 करोड़ रुपये का बोगस आईजीएसटी क्लेम किया गया। आरोपियों ने कागजों में ही फर्जी इनवर्ड और आउटवर्ड सप्लाई दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल करने की साजिश रची थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि के.एस. इंटरप्राइजेज ने फर्जी तरीके से आलम इंटरप्राइजेज से खरीद और सीपी ट्रेडर्स को बिक्री दर्शाई। इसके बाद सीपी ट्रेडर्स ने कागजों में ही माल ट्रेडियोग्राफी को बेचने का दावा किया और उसी आधार पर आईटीसी क्लेम किया जाता था। इस पूरी प्रक्रिया में वास्तविक व्यापार नहीं किया गया, बल्कि केवल फर्जी दस्तावेजों के जरिए टैक्स चोरी की योजना बनाई गई थी।
जीएसटी विभाग की सतर्कता से खुला खेल
सूत्रों के मुताबिक जब आरोपियों ने ट्रेडियोग्राफी फर्म के जरिए आईटीसी क्लेम करने की कोशिश की, तभी जीएसटी विभाग को गड़बड़ी का संदेह हुआ और फर्म को बंद कर दिया गया। इसके कारण आरोपी रिटर्न प्राप्त नहीं कर सके और मामला खुलकर सामने आ गया।
गिरोह का एक सदस्य पहले से जेल में
पुलिस के अनुसार इस गिरोह का एक अन्य सदस्य शुभम कुमार पहले से ही फर्जी फर्मों से जुड़े मामलों में भोंडसी जेल (हरियाणा) में बंद है। गिरोह के पैसों का पूरा हिसाब-किताब शुभम ही संभालता था और आईटीसी क्लेम होने के बाद वही रकम को गिरोह के सदस्यों में बांटता था।
पहले भी हो चुकी है एक गिरफ्तारी
इस मामले में थाना सेक्टर-58 में 25 अक्टूबर 2025 को मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इससे पहले 12 मार्च 2026 को एक अन्य आरोपी रोहन गुप्ता (निवासी तुगलकाबाद एक्सटेंशन, नई दिल्ली) को गिरफ्तार किया था। अब अमित कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
गिरफ्तार आरोपी अमित कुमार (30 वर्ष) पुत्र कल्याण सिंह निवासी ए-41, बिंदापुर पॉकेट-4, उत्तम नगर, थाना डाबरी, द्वारका पश्चिमी, नई दिल्ली है।
दर्ज मुकदमा
इस संबंध में थाना सेक्टर-58 नोएडा में मु0अ0सं0-387/2025 के तहत धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2) बीएनएस के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी चोरी और फर्जी कंपनियों के जरिए होने वाले आर्थिक अपराधों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।।
