सोमवार, 30 मार्च 2026

कानपुर में दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पुनर्वास सम्मेलन सम्पन्न, 150 दिव्यांग बच्चों को मिली सहायक किट, समावेशन पर विशेषज्ञों ने रखा जोर!!

शेयर करें:

कानपुर में दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पुनर्वास सम्मेलन सम्पन्न, 150 दिव्यांग बच्चों को मिली सहायक किट, समावेशन पर विशेषज्ञों ने रखा जोर!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक:: नोएडा/कानपुर। समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत फस्ट रिहैब वन फाउंडेशन, सेक्टर-70 नोएडा के सहयोग से कानपुर में दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय पुनर्वास सम्मेलन का सफल आयोजन किया गया। दीपिका फिजियोथेरेपी सेंटर एवं कुसुम जन कल्याण समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, चिकित्सकों और पुनर्वास क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों ने भाग लेकर अपने अनुभव और शोध साझा किए।

कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा द्वारा किया गया, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल के माध्यम से जुड़ा रहा। इस अवसर पर बी.एल. वर्मा ने कहा कि ऐसे सम्मेलन देश के छोटे-बड़े हर शहर में आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि दिव्यांगजनों को एक ही मंच पर बेहतर और समग्र पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

सम्मेलन में फस्ट रिहैब वन फाउंडेशन एवं गायत्री पुनर्वास केंद्र सह-भागीदार के रूप में शामिल रहे। आयोजन सचिव एवं फाउंडेशन निदेशक डॉ. महिपाल सिंह ने सामाजिक सरोकार का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए 150 दिव्यांग बच्चों को उनकी जरूरतों के अनुरूप विशेष किट वितरित की। इन किट्स में बैग, टिफिन, पानी की बोतल और थेरेपी से जुड़ी आवश्यक सामग्री शामिल थी।

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता एवं प्रबंध निदेशक डॉ. दीक्षा श्रीवास्तव ने दिव्यांग बच्चों के लिए घर-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज को अधिक समावेशी बनाने के लिए परिवार, शिक्षण संस्थान और चिकित्सा क्षेत्र को मिलकर काम करना होगा। साथ ही उन्होंने युवा पेशेवरों और छात्रों के लिए विशेष सत्र आयोजित कर उन्हें इस क्षेत्र में करियर और सेवा के अवसरों से अवगत कराया।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. सुष्मिता भाटी ने कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए स्वागत भाषण दिया और देश-विदेश से आए अतिथियों का अभिनंदन किया। इस दौरान प्रशासन प्रमुख कृष्णा यादव और डॉ. भावना आनंद को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।

आयोजन में दीपिका फिजियोथेरेपी सेंटर के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार पांडेय तथा गायत्री पुनर्वास केंद्र के संस्थापक एवं सह-अध्यक्ष डॉ. त्रिभुवन सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

दो दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हड्डी रोग विशेषज्ञ, नवजात शिशु विशेषज्ञ, एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट, ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, विशेष शिक्षक, मनोवैज्ञानिक और विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों ने भाग लेते हुए पुनर्वास के क्षेत्र में नवीन तकनीकों, चुनौतियों और समाधान पर विस्तृत चर्चा की।

यह सम्मेलन न केवल चिकित्सा और पुनर्वास क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, बल्कि दिव्यांगजनों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस पहल के रूप में भी सामने आया।।