मंगलवार, 24 मार्च 2026

गौतमबुद्धनगर: विश्व क्षय रोग दिवस पर बड़ा कदम: 100 दिवसीय “टीबी मुक्त भारत अभियान” का शुभारंभ, घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवाएं!!

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गौतमबुद्धनगर: विश्व क्षय रोग दिवस पर बड़ा कदम: 100 दिवसीय “टीबी मुक्त भारत अभियान” का शुभारंभ, घर-घर पहुंचेगी स्वास्थ्य सेवाएं!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

 ग्रेटर नोएडा | 24 मार्च 2026

दो टूक// विश्व क्षय रोग दिवस-2026 के अवसर पर गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा में आयोजित भव्य समारोह में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने देशव्यापी 100 दिवसीय “टीबी मुक्त भारत अभियान” का शुभारंभ किया। इस मौके पर “टीबी मुक्त भारत ऐप (खुशी– e-नि:क्षय मित्र)”, “टीबी फ्री अर्बन वार्ड इनिशिएटिव” और नि:क्षय वाहन को भी लॉन्च किया गया, जो टीबी मरीजों तक घर-घर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 जन-आंदोलन बनेगा टीबी उन्मूलन अभियान

केंद्रीय मंत्री नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार 2026 तक टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि यह 100 दिवसीय अभियान जनभागीदारी, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक सहयोग के जरिए देश को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। उन्होंने नागरिकों से इसे जन-आंदोलन बनाने की अपील की।

 तकनीक से तेज होगी पहचान और इलाज

कार्यक्रम में टीबी जांच के लिए आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का भी प्रदर्शन किया गया। नड्डा ने बताया कि नई तकनीकों से अब टीबी की पहचान अधिक सटीक और तेज हो गई है। साथ ही टीबी पोषण अभियान के माध्यम से मरीजों के स्वास्थ्य में सुधार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

यूपी बना मॉडल, करोड़ों की स्क्रीनिंग

उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि उत्तर प्रदेश में टीबी उन्मूलन को जन-आंदोलन बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम हो रहा है।

  • 7 दिसंबर 2024 से 9 मार्च 2026 तक 3.28 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग
  • NAT मशीनों की संख्या 141 से बढ़कर 1004
  • लगभग 64% जांच NAT तकनीक से
  • AI आधारित 87 से अधिक पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें
  • ड्रग सेंसिटिव टीबी की 92% सफलता दर

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है।

सामाजिक भागीदारी जरूरी: अनुप्रिया पटेल

केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि टीबी के खिलाफ लड़ाई सिर्फ स्वास्थ्य क्षेत्र की नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत घर-घर स्क्रीनिंग, मोबाइल हेल्थ यूनिट्स और उच्च जोखिम क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा, ताकि कोई भी मरीज जांच और इलाज से वंचित न रहे।

 टीबी विजेताओं ने बांटी प्रेरक कहानियां

कार्यक्रम में टीबी से स्वस्थ हो चुके लोगों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे जागरूकता और सही इलाज से इस बीमारी को हराया जा सकता है। इस दौरान उपस्थित सभी लोगों को टीबी मुक्त भारत की शपथ भी दिलाई गई।

स्टाल, शिविर और जनजागरूकता का संदेश

आयोजन में आयुष्मान आरोग्य शिविर और टीबी उन्मूलन से जुड़े स्टाल लगाए गए, जिनका जनप्रतिनिधियों ने अवलोकन किया। कार्यक्रम के अंत में अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही टीबी मुक्त भारत का सपना साकार होगा।

 यह आयोजन स्पष्ट करता है कि सरकार, समाज और तकनीक के संयुक्त प्रयासों से टीबी उन्मूलन अब एक राष्ट्रीय जन-आंदोलन का रूप ले चुका है।।