पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में SPEL 3.0 के तहत छात्रों को मिला पुलिसिंग का व्यावहारिक अनुभव!!
थाना कासना में शारदा यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने समझी महिला सुरक्षा, साइबर सेल और कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली
दो टूक// गौतमबुद्धनगर। युवाओं को पुलिस व्यवस्था से जोड़ने और महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर द्वारा SPEL 3.0 (स्टूडेंट पुलिस एक्सपीरियेंशियल लर्निंग) कार्यक्रम के अंतर्गत थाना कासना में एक विशेष सत्र आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशन एवं पुलिस उपायुक्त (महिला सुरक्षा) के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में शारदा यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुलिसिंग की बारीकियों को नजदीक से समझने का अवसर प्राप्त किया। सत्र के दौरान विद्यार्थियों को Uttar Pradesh Police की कार्यप्रणाली, महिला सुरक्षा से संबंधित पहलों, जनसहभागिता तथा पुलिस-जन संवाद के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
थाना स्तर की कार्यप्रणाली से कराया गया परिचय
छात्रों को थाना स्तर पर संचालित दैनिक गतिविधियों, शिकायतों के पंजीकरण और निस्तारण की प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति तथा आपात परिस्थितियों में पुलिस की भूमिका से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त मिशन शक्ति केंद्र, साइबर हेल्प डेस्क, सीसीटीएनएस/जी.डी. कार्यालय सहित अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों का भी भ्रमण कराया गया।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा हेल्पलाइन, डिजिटल शिकायत प्रणाली और सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा पर भी जानकारी दी। छात्रों ने पुलिस कर्मियों से सीधे संवाद कर विभिन्न जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
महिला सुरक्षा अभियानों में सहयोग का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने महिला सुरक्षा एवं जागरूकता अभियानों में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया। प्रतिभागियों ने पुलिस विभाग द्वारा दिए गए मार्गदर्शन, सहयोग और आत्मीय स्वागत के लिए आभार भी व्यक्त किया।
युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनाने की पहल
SPEL 3.0 कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को पुलिस तंत्र की कार्यशैली से परिचित कराना, उनमें सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना और महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को पुलिसिंग का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो रहा है, जिससे वे भविष्य में समाज में सकारात्मक और जागरूक भूमिका निभा सकें ।।
