लखनऊ :
साइबरनाइफ तकनीक से कैंसर रोगियों का बिना सर्जरी के सटीक इलाज।
दो टूक : कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान, लखनऊ में आज अत्याधुनिक साइबरनाइफ (CyberKnife) मशीन की स्थापना का अनावरण संस्थान के निदेशक प्रो. एम.एल.बी. भट्ट जी द्वारा किया गया।
उद्घाटन समारोह में राडीएशन ऑनकालॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. शरद सिंह, डा. प्रमोद कुमार गुप्ता, डा. रूमीता सिंह एवं संस्थान के वित्त अधिकारी श्री रजनीकांत वर्मा जी भी उपस्थित रहे। प्रो. भट्ट जी ने अपने संबोधन में कहा कि साइबरनाइफ तकनीक के माध्यम से कैंसर रोगियों को अत्यंत सटीक, सुरक्षित एवं उन्नत उपचार सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। यह मशीन बिना चीरे के, कम समय में और न्यूनतम दुष्प्रभावों के साथ जटिल ट्यूमर के उपचार में अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी।
उन्होंने कहा कि इस मशीन की स्थापना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि आसपास के राज्यों के कैंसर रोगियों को भी विश्वस्तरीय उपचार संस्थान में ही उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डा. वरुण विजय ने बताया कि अभी मशीन की जांच कर उसको मरीज़ो की उपयोगिता में लाने से पहले एईआरबी की मंज़ूरी की ज़रूरत पड़ेगी जिसमे २-३ महीनों का वक्त लग सकता है।
साइबरनाइफ रोबोटिक रेडियोसर्जरी सिस्टम।
साइबरनाइएफ रोबोटिक रेडियोसर्जरी सिस्टम एक उन्नत, गैर-आक्रामक (नॉन-इनवेसिव) विकिरण उपचार तकनीक है, जो आसपास के स्वस्थ ऊतकों को सुरक्षित रखते हुए अत्यधिक सटीकता के साथ उच्च डोज़ विकिरण चिकित्सा प्रदान करती है।
मुख्य विशेषताएँ
• रोबोटिक सटीकता:
रोबोटिक आर्म से जुड़े लीनियर एक्सेलेरेटर द्वारा सैकड़ों कोणों से विकिरण दिया जाता है, जिससे अत्यंत सटीक और व्यक्तिगत उपचार संभव होता है।
• रियल-टाइम ट्यूमर ट्रैकिंग:
उन्नत इमेजिंग तकनीक उपचार के दौरान ट्यूमर की गति को लगातार ट्रैक करती है, जिससे सब-मिलीमीटर स्तर की सटीकता सुनिश्चित होती है।
• Synchrony मोशन मैनेजमेंट तकनीक:
यह अत्याधुनिक तकनीक श्वसन जैसी प्राकृतिक गतिविधियों के साथ विकिरण को समन्वित करती है, जिससे सांस रोकने या कठोर स्थिरीकरण की आवश्यकता नहीं होती।
• फ्रेमलेस एवं गैर-आक्रामक उपचार:
न सर्जरी, न चीरा और न ही दर्दनाक फ्रेम—जिससे मरीज को अधिक आराम और सुविधा मिलती है।
• पूरे शरीर के लिए उपचार क्षमता:
मस्तिष्क, रीढ़, फेफड़े, यकृत, अग्न्याशय, प्रोस्टेट सहित शरीर के विभिन्न हिस्सों में ट्यूमर के उपचार में प्रभावी।
• त्वरित आउटपेशेंट प्रक्रिया:
उपचार पूरी तरह दर्दरहित होता है, सामान्यतः 1 से 5 सत्रों में पूरा हो जाता है, और मरीज तुरंत अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं
